Home » फिल्म छावा पर प्रतिबंध की मांग हुई तीव्र, बरेलवी मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने फिल्म को ठहराया दंगों का दोषी

फिल्म छावा पर प्रतिबंध की मांग हुई तीव्र, बरेलवी मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने फिल्म को ठहराया दंगों का दोषी

मैंने तुरंत मीडिया के जरिए शांति की अपील की और नागपुर की मस्जिदों के उलेमा और इमामों से पूरी रात संपर्क बनाए रखा ताकि माहौल शांत किया जा सके।

by Reeta Rai Sagar
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बरेली: बीते कई दिनों से औरंगजेब की कब्र को लेकर महाराष्ट्र में विवाद चल रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी इस मामले में विक्की कौशल अभिनीत फिल्म छावा को कुछ हद तक दोषी माना है। इसी कड़ी में बरेलवी संप्रदाय के उलेमा मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने फिल्म “छावा” पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, उनका आरोप है कि यह फिल्म सांप्रदायिक तनाव को भड़काने का काम कर रही है और नागपुर में हुई दंगों की वजह बनी है।

रजवी ने अमित शाह को लिखा पत्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में रज़वी ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और लेखक के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। रजवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात, दरगाह आला हज़रत के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। रज़वी ने दावा किया कि फिल्म में सम्राट औरंगजेब को इस तरह से दिखाया गया है कि वह हिंदू युवाओं को उकसाता है।

छावा के रिलीज से माहौल बिगड़ गया

उन्होंने अपने पत्र में लिखा, देश का माहौल फिल्म ‘छावा’ के रिलीज़ होने के बाद से बिगड़ गया है। इस फिल्म में सम्राट औरंगजेब को हिंदू विरोधी के रूप में दिखाकर हिंदू युवाओं को उकसाया गया है। यही कारण है कि हिंदू संगठनों के नेता विभिन्न स्थानों पर औरंगजेब के बारे में नफरत फैलाने वाली बयानबाजी कर रहे हैं।

औरंगजेब को आदर्श नहीं, हम शासक मानते है

रज़वी ने खासतौर पर नागपुर में सोमवार को हुए सांप्रदायिक दंगों को फिल्म की रिलीज़ का सीधा परिणाम बताया। उन्होंने कहा, मैंने तुरंत मीडिया के जरिए शांति की अपील की और नागपुर की मस्जिदों के उलेमा और इमामों से पूरी रात संपर्क बनाए रखा ताकि माहौल शांत किया जा सके। भारत के मुसलमान सम्राट औरंगजेब को अपने आदर्श और नेता के रूप में नहीं मानते। हम उन्हें सिर्फ एक शासक के रूप में देखते हैं, कुछ और नहीं।

बता दें कि बीते दिनों नागपुर इस मुद्दे को लेकर हिंसा भड़ गई थी, जिसमें जान-माल का नुकसान हुआ था। इस मामले के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया था और साथ ही की अन्य को भी हिरासत में लिया गया था। इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

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