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Vigilance Big Action : विजिलेंस का बड़ा एक्शन : ओडिशा के डिप्टी कमिश्नर के 9 ठिकानों पर छापेमारी, बरामद हुईं करोड़ों की संपत्ति

विजिलेंस विभाग ने बताया कि सभी दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्ति लेन-देन और अन्य अघोषित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

by Rakesh Pandey
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भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) के डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार महांती के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को विजिलेंस विभाग ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जहां आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में व्यापक जांच की गई। इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 2000 के नोटों की गड्डियां, लाखों रुपये के आभूषण और कई संपत्ति संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।

छापेमारी के दौरान बरामद संपत्ति

विजिलेंस विभाग ने भुवनेश्वर, खोरधा, पुरी, नयागढ़ और कटक में कुल 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, संपत्ति के कागजात और कई अन्य वित्तीय दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन स्थानों पर हुई छापेमारी

भुवनेश्वर में स्थित मैत्री विहार, चंद्रशेखरपुर में आवास।

भुवनेश्वर के रघुनाथपुर में 4BHK फ्लैट।

नयागढ़ के कुसुपल्ला, रणपुर में फार्म हाउस।

भुवनेश्वर के गोविंदप्रसाद में 5 मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग।
खोरधा के टांगी में पैतृक घर।

पुरी के भक्ति रत्न लेन, जेनारी गाछा चौक में रिश्तेदार का घर।

पुरी के मालिपड़ा में रिश्तेदार के नाम पर पेट्रोल पंप।

पुरी के बालिखंड में रिश्तेदार के नाम पर निर्माणाधीन इमारत।
कटक में स्थित STA कार्यालय।

इन स्थानों पर की गई छापेमारी में अधिकारियों ने विभिन्न संपत्तियों के दस्तावेज, बेहिसाब नकदी और सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए हैं।

विजिलेंस विभाग का बयान

विजिलेंस विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई एक विशेष जज विजिलेंस द्वारा जारी किए गए सर्च वारंट के आधार पर की गई। इस अभियान में 2 एडिशनल एसपी, 13 डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर और 25 एएसआई समेत कुल 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल थे। विभाग ने बताया कि सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही, डिप्टी कमिश्नर के बैंक खातों, संपत्ति लेन-देन और अन्य अघोषित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की मुहिम

यह कार्रवाई ओडिशा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। ओडिशा में पहले भी बेनामी संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है और इस बार जिस स्तर पर यह छापेमारी की गई है, वह राज्य सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की गंभीरता को दर्शाता है। सरकार इस मामले को उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है ताकि राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ने में मदद मिल सके।

आगे की जांच और कार्रवाई

विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के संकल्प को मजबूत किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और क्या- क्या खुलासे होते हैं और डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ आगे की कार्रवाई क्या होती है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच बेहद संवेदनशील तरीके से की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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