पटना : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली 70वीं पीटी परीक्षा के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन और मल्टिपल सेट क्वेश्चन के प्रावधान को लेकर सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी शुक्रवार को बीपीएससी कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और अपनी मांगें उठाईं।
छात्रों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि परीक्षा का वन डे वन शिफ्ट सिस्टम के तहत आयोजन किया जाए, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके। लेकिन, इस दौरान पुलिस द्वारा अचानक लाठीचार्ज किए जाने से प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। इसमें छात्र नेता दिलीप कुमार सहित कई अन्य छात्रों को चोटें आईं।
छात्रों का आक्रोश बढ़ा, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
प्रदर्शन के दौरान छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए सड़क पर बैठ गए, और कहा कि जब तक उन्हें नॉर्मलाइजेशन और मल्टिपल सेट के प्रावधान हटाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारी बेली रोड पर जमे रहे और पुलिस के बल प्रयोग के बाद भी उन्होंने अपनी स्थिति बनाए रखी।
पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा जैसे विभिन्न राज्यों से आए हुए थे।
छात्रों ने पुलिस के खिलाफ जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारी छात्र नेता दिलीप कुमार ने शुरुआत में ऐलान किया था कि वे बिना सड़क जाम किए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने लाएंगे। लेकिन पुलिस द्वारा अचानक बल प्रयोग से स्थिति बिगड़ी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस की लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए, जिनमें से कुछ के सिर में चोटें आईं और हाथ भी टूट गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक बीपीएससी उनकी मांगों को लिखित रूप में नहीं मानता। पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए छात्र इस संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया है। बीपीएससी के चेयरमैन से वार्ता की कोशिश की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे जल्द इस मामले का समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

