स्पेशल डेस्क, पटना : आपने कॉपीराइट और ट्रेडमार्क शब्द अक्सर सुना होगा। हमारे दैनिक जीवन में अलग-अलग वस्तुओ, समाचार पत्र, समाचार चैनल, इंटरनेट सामग्री के उपयोग को लेकर कई बार इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। बहुत से व्यवसाय में कंपनियों के पास ब्रांड का लोगो, टैगलाइन आदि होते हैं। जिस से उनकी पहचान शत प्रतिशत सुनिश्चित की जाती है। कॉपीराइट भी इसी तरह की एक विशिष्ट पहचान का दावा करता है।
कॉपीराइट और ट्रेडमार्क दो प्रमुख इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के साधन हैं, जिनका उद्देश्य व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन दोनों के रूप में अलग-अलग विशिष्टता होती है। इनका उपयोग कानूनी प्रतिबंध सहित अन्य संरक्षण के लिए किया जाता है।

कॉपीराइट क्या होता है?
कॉपीराइट एक कानूनी अधिकार होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य आईपी की सुरक्षा करना होता है। विशेष रूप से लेखनात्मक सहित अन्य रचनात्मक कार्यों की रक्षा करने के लिए। कॉपीराइट द्वारा लेखकों, फोटोग्राफर्स, ग्राफ़िक डिज़ाइनर्स और अन्य कलाकारों को उनके निर्मित कार्यों के नियंत्रण और उनके उपयोग के अधिकार मिलते हैं। कॉपीराइट किसी कार्य के उत्पादन, वितरण, प्रसारण, और प्रदर्शन को नियंत्रित करता है, जिससे अनाधिकृत प्रतिलिपि बनाने या इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कॉपीराइट का उपयोग
कॉपीराइट का उपयोग लेखनात्मक कार्यों जैसे कि किताबें, संगीत, फ़िल्में, वेबसाइट कंटेंट और आर्टवर्क की सुरक्षा के लिए होता है। यह भी संभावना होता है कि व्यवसायीक कार्यों की रक्षा के लिए कॉपीराइट का उपयोग किया जाए, जैसे कि सॉफ़्टवेयर कोड या व्यवसाय के लोगो और ब्रांडिंग के लिए।
कॉपीराइट का उद्देश्य
कॉपीराइट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल निर्माता ही कॉपीराइट किए गए सामग्री का उपयोग करने में सक्षम है। निर्माता के अलावा कोई भी किसी भी तरह से कॉपीराइट किए गए कार्य का पुनरुत्पादन या उपयोग या व्यापार करने में सक्षम नहीं है।
कॉपीराइट में क्या उपलब्ध?
कॉपीराइट कानून के अंतर्गत कई प्रकार के अधिकार और सुरक्षा उपलब्ध होते हैं। जिन्हें कॉपीराइट के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है। ये अधिकार लेखकों, कलाकारों, फोटोग्राफर्स, संगीतकारों, और अन्य क्रिएटिव प्रशासकों को उनके निर्मित कार्यों के साथ जुड़े होते हैं।
कैसे प्राप्त होता है कॉपीराइट?
कॉपीराइट केवल नई और मूल कार्यों को सुरक्षित करता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आपका कार्य मूल हो। कॉपीराइट को प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करना होता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी की जा सकती है। इसके साथ ही जब किसी व्यक्ति का कोई मौलिक काम सीडी, डीवीडी या एसडी कार्ड वगैरह में सेव हो, तो उस व्यक्ति को अपने-आप ही उस काम का कॉपीराइट मिल जाता है
ट्रेडमार्क क्या होता है?
ट्रेडमार्क उत्पादों और सेवाओं को व्यक्त करने के रूप में उपयोग होता है। यह किसी व्यवसाय के
विशिष्ट ब्रांड या उत्पाद की पहचान और उनकी गुणवत्ता और मूल्य को प्रमाणित करने में मदद करता है। ट्रेडमार्क की सुरक्षा कानूनी रूप से किसी व्यक्ति या कंपनी को उसके विशिष्ट चिन्ह या डिज़ाइन के उपयोग पर अधिकार प्रदान करती है।
ट्रेडमार्क का क्या है उपयोग
व्यवसायों और उत्पादकों के लिए ट्रेडमार्क महत्वपूर्ण रूप से उनके ब्रांड की पहचान और संरक्षण का साधन होते हैं। ट्रेडमार्क से उपयोगकर्ताओं को यकीन मिलता है कि वे एक विशिष्ट ब्रांड के उत्पाद को खरीद रहे हैं और उन्हें उसकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठा का आश्वासन मिलता है।
ट्रेडमार्क का उद्देश्य
ट्रेडमार्क का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यवसाय द्वारा पेश की जाने वाली वस्तुएं और सेवाएं बाजार में प्रतिस्पर्धियों या अन्य खिलाड़ियों द्वारा पेश की जाने वाली अन्य वस्तुओं या सेवाओं से अलग हैं।
कैसे होता है ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन?
ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन (Trademark Registration) के लिए आपको नियम के अनुसार फॉर्म भरना होगा। इसके साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स और फीस देनी होती है। एक बार फाइलिंग हो जाने पर आप अपने सुपरस्क्रिप्ट में (™) का सिंबल यूज करना शुरू कर सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से की जा सकती है। ट्रेडमार्क का रजिस्ट्रेशन कण्ट्रोल जनरल ऑफ़ पेटेंट डिजाइन एंड ट्रेडमार्क की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन किया जा सकता है।
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क्या कहते हैं अधिवक्ता
इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन मिश्रा की माने तो चाहें ट्रेड लाइसेंस हो या फिर कॉपीराइट। यह दोनों ही निर्माता को उसके अधिकार के संरक्षण में मदद करते हैं। मौजूद आधार में इन दोनों को अधिक से अधिक इस्तेमाल उत्पादनकर्ता के लिए बेहद उपयोगी हैं।

