गोरखपुर ,उत्तर प्रदेश : जिले के स्वास्थ्य विभाग के करीब 32 डॉक्टर बिना किसी आधिकारिक सूचना के ड्यूटी से गायब हैं। कुछ पिछले एक साल से काम पर नहीं आ रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी आशुतोष दुबे ने बताया कि विभाग ऐसे डॉक्टरों को नोटिस भेज रहा है लेकिन अभी तक इन डॉक्टरों ने जवाब नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक रिपोर्ट सरकार को भेजी गयी है।
डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं सरकारी अस्पताल
रिकॉर्ड के अनुसार, जिले का स्वास्थ्य विभाग पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। क्योंकि जिले में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 51 नये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा, 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और केंद्रों पर 162 डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से 32 बिना किसी आधिकारिक सूचना के गायब हैं। इनमें से आठ परास्नातक की पढ़ाई करने गये हैं।
आखिर कहां गए ये डॉक्टर? हो रही जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, गायब डॉक्टरों को कई बार नोटिस भेजा जा चुका है और शासन को इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गयी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि इन लापता डॉक्टरों ने न तो औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपा है और न ही कहीं और अपनी नियुक्ति के बारे में कोई जानकारी दी है। अब विभाग इसकी जांच में जुटा है कि ये डॉक्टर आखिर हैं कहां?

