सेंट्रल डेस्क: वकील अभिनव चंद्रचूड ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में यूट्यूबर रणवीर अलाहाबदिया की ओर से एक याचिका दायर की है। इस याचिका में उनके खिलाफ टीवी रियलिटी शो, “इंडियाज गॉट टैलेंट” के एक एपिसोड में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज की गई कई एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। इस याचिका में असम पुलिस द्वारा अलाहाबदिया को समन भेजने का भी हवाला देते हुए तात्कालिक सुनवाई की अपील की गई है। रणवीर अलाहाबादिया के केस के साथ ही उनके वकील अभिनव चंद्रचूड़ की चर्चा हो रही है। यह चर्चा भी कुछ खास कारणों से है।
चीफ जस्टिस ने दिया दो-तीन दिन में सुनवाई का आश्वासन
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका की तात्कालिकता को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इस मामले की सुनवाई दो से तीन दिनों के भीतर की जाएगी। हालांकि, चंद्रचूड ने सुनवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, लेकिन सीजेआई खन्ना ने कहा कि एक तारीख पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। उन्होंने मौखिक उल्लेख की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
अलाहाबदिया पर लगे ये आरोप
अलाहाबदिया पर लगे कानूनी आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 79 के तहत महिला का अपमान करने वाले शब्दों, इशारों या अन्य तरीकों से अपराध करना और संबंधित कानूनों के तहत महिला की गोपनीयता का उल्लंघन करना शामिल है।
अभिनव चंद्रचूड कौन हैं?
अभिनव चंद्रचूड एक प्रतिष्ठित वकील हैं और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड (Ex CJI D Y Chandrachud) के बेटे हैं। वह बंबई उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं और उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड बहुत मजबूत है। उन्होंने स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल से डॉक्टर ऑफ द साइंस ऑफ लॉ (JSD) और मास्टर ऑफ द साइंस ऑफ लॉ (JSM) की डिग्री प्राप्त की। वहां वे फ्रेंकलिन फैमिली स्कॉलर थे। उन्होंने हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम भी किया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व में 2008 में मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
कई किताबें भी लिख चुके है अभिनव चंद्रचूड़
वकील के रूप में अपनी प्रैक्टिस के अलावा, अभिनव चंद्रचूड गिब्सन और ग्लोबल लॉ फर्म डन & क्रचर्स में एसोसिएट अटॉर्नी रह चुके हैं। वह एक प्रसिद्ध लेखक भी हैं, जिनकी किताबें “Republic of Rhetoric: Free Speech and the Constitution of India” (2017) और “Supreme Whispers: Conversations with Judges of the Supreme Court of India 1980-1989” (2018) प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी राय आधारित लेख प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती हैं।
डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था- मैं भाग्यशाली हूं
एक विदाई भाषण में पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड ने अपने दोनों बेटों अभिनव और चिन्तन के बारे में एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटों से सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने को कहा था ताकि वे उन्हें अधिक देख सकें, लेकिन दोनों ने इसका विरोध करते हुए कहा, “पापा, हम यह काम आपके रिटायर होने के बाद करेंगे। जब आप जज हैं, तो हमें आपके नाम और अपने पेशेवर अखंडता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।” चंद्रचूड ने कहा, “मैं सचमुच धन्य हूं कि मेरे पास ऐसे बच्चे हैं जिनमें यह मानसिकता है।”
हाई प्रोफाइल मामलों से आए चर्चा में
पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड के पुत्र होने के बावजूद अभिनव चंद्रचूड़ अपनी विशिष्ट प्रतिभा से अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। अपने शैक्षणिक उत्कृष्टता और कानूनी विशेषज्ञता के साथ अभिनव चंद्रचूड अब हाई-प्रोफाइल मामलों जैसे रणवीर अलाहाबदिया की याचिका का सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

