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ईरान में हिजाब के खिलाफ महिला की साहसिक बगावत : कपड़े उतारकर जताया विरोध

ईरान में हिजाब के खिलाफ चल रहा यह आंदोलन नया नहीं है।

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क : ईरान में हिजाब को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों की एक नई कड़ी सामने आई है। एक महिला ने अपने कपड़े उतारकर विरोध जताया, जो कि ईरानी समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए एक साहसिक कदम माना जा रहा है। इस घटना ने न केवल ईरान के सख्त इस्लामिक ड्रेस कोड को चुनौती दी है, बल्कि यह भी दर्शाया कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए किस हद तक जा सकती हैं।

ईरान की सख्त ड्रेस कोड का विरोध

महिलाओं द्वारा हिजाब के खिलाफ चलाया जा रहा यह आंदोलन पिछले कुछ समय से तेज़ी से बढ़ रहा है। हाल ही में, एक महिला ने इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी के परिसर में अपने कपड़े उतार दिए। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों को उस महिला को हिरासत में लेते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो ने पूरे देश में हिजाब विरोधी आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है।

मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा

हालांकि, विश्वविद्यालय के प्रवक्ता अमीर महजोब ने सोशल मीडिया पर बताया कि महिला को हिरासत में लेने के बाद यह पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में थी और उसे किसी मानसिक विकार का सामना करना पड़ रहा था। इस बयान ने कुछ लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या इस प्रकार की बगावत वास्तव में एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या का परिणाम है या फिर यह एक सचेत राजनीतिक बयान है।

सामाजिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा ‘यह एक अनिवार्य हिजाब के खिलाफ अधिकारियों के मूर्खतापूर्ण आग्रह की प्रतिक्रिया है’। इस प्रकार के टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि यह मुद्दा केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का हिस्सा है।

मानसिक अस्पताल में भर्ती!

ईरानी अखबार Hamshahri ने इस मामले में एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया है कि महिला को उसके इस कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है और उसे संभवतः एक मानसिक अस्पताल में भेजा जाएगा। यह बात उस स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है जिसमें ईरान की महिलाएं अपनी आवाज़ उठाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

आंदोलन का इतिहास

ईरान में हिजाब के खिलाफ चल रहा यह आंदोलन नया नहीं है। इसकी शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी, जब पुलिस की हिरासत में एक ईरानी कुर्द महिला, महसा अमिनी की मौत के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस घटना ने एक जलती हुई चिंगारी की तरह काम किया और हिजाब विरोधी आंदोलन को गति दी, जिसमें हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं। ईरानी शासन ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए हिंसक उपायों का सहारा लिया, जिसमें कई लोगों की जान भी गई। इसके बावजूद, महिलाओं ने अपने अधिकारों की खातिर लड़ाई जारी रखी है।

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