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युवा शोध से नये प्रगतिशील विचारों को ला सकते हैं सामने : डॉ आचार्य ऋषि रंजन

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को ‘सतत विकास के लिए बहुविषयक अनुसंधान और नवाचार’ विषय पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी. सम्मेलन के मुख्य अतिथि निशांत कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, जमशेदपुर और डॉ बिमलेंदु कुमार रॉय थे.

कार्यक्रम की शुरुवात डॉ किशोर ओझा ने की. उन्होंने सरकार द्वारा किये जा रहे विकास के कार्यों पर प्रकाश डाला. कहा कि बिना सरकार की मदद के ये मुश्किल है. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नागेंद्र कुमार ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद दिया. विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ आचार्य ऋषि रंजन ने बताया की कैसे शोध नये प्रगतिशील विचारों को सामने ला रहा है.

सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ बिमलेंदु कुमार रॉय ने ग्लोबल वार्मिंग से कैसे लड़ा जाये, इस पर अपनी बात रखी. निशांत कुमार ने बताया की विकास इस तरह से हो की उससे पर्यावरण को कोई नुकसान ना हो. इस बात का विशेष ध्यान सभी को रखना होगा.

शोधार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से नवाजा :
सम्मेलन के दूसरे दिन कुल 140 शोधार्थियों ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये. सम्मेलन को आगे बढ़ाते हुए शोधार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से नवाजा गया. इसमें कानून विभाग से अमित कुमार झा, वाणिज्य कर विभाग से रोचक कुमार, प्रबंधन विभाग से अंकिता मंडल, अंग्रेजी विभाग से सुमन कुमारी, हिंदी विभाग से सकरो मुर्मू, राजनीति विज्ञान विभाग से बसंती कुमारी, इतिहास विभाग से पारोमिता भद्र, आइटी विभाग से एकता झा, भौतिकी विभाग से आशमा फरहीन, शिक्षा विभाग से रानी सिंह, गणित विभाग से नीतू पारीख और प्राणी शास्त्र विभाग से मौसमी घटक को पुरस्कृत किया गया. मौके पर मौजूद दो शोधार्थियों सकरो मुर्मू और अचल पोद्दार ने सम्मेलन की जानकारी दी.

इसके बाद डीन अनुसंधान डॉ प्रमोद कुमार सिंह ने सम्मेलन को सफल बनाने वाले संकायों को धन्यवाद दिया और कहा की विश्वविद्यालय फिर इसी तरह के और सम्मेलन करवाता रहेगा. डॉ शकीबुर रहमान खान, अंग्रेजी विभाग के प्रमुख ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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