धनबाद/ विजिलेंस अधिकारी बन पूरे तामझाम से हाईवे पर करते थे वसूली : हाईवे पर फर्जी अधिकारी बनकर वहां से गुजरनेवाले वाहनों से अवैध वसूली कर ये अपराधी किस्म के लोग आसानी से निकल जा रहे हैं। राजमार्गों पर इस तरह की ठगी के मामले बढ़ने लगे हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही बिहार में नकली डीटीओ बनकर मिनटों में लाखों की वसूली कर ठगों की टीम फरार हो गई। अब कुछ ऐसा ही मामला धनबाद क्षेत्र से आया है। हालांकि यहां ठगों की टोली ने वसूली तो कर ली लेकिन भाग नहीं सके और पुलिस के बिछाए जाल में फंस गए।
गोपालगंज मोड़ के समीप विजिलेंस अधिकारी बन खड़े थे ठग
सोमवार की रात गोपालगंज मोड़ के समीप नकली विजिलेंस अधिकारी बनकर ये ठग पूरे दलबल के साथ वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे। पुलिस को जानकारी मिली तो निरसा थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव ने धावा बोलकर सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनलोगों के पास से पुलिस ने दो कार भी जब्त की है।
ठगों के वाहन में मिला टीएमसी का झंडा व अन्य सामान
जब्त किए गए कार के नंबर प्लेट के ऊपर स्टेट कन्वेयर, पश्चिम बंगाल, क्राइम एंड विजिलेंस सेल लिखा हुआ बोर्ड लगा है। कार के अंदर से तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) का झंडा एवं कार्यक्रम में अतिथियों को सम्मानित करने वाला बैच भी मिला है। सातों लोग नकली विजिलेंस अधिकारी बनकर एनएच टू से गुजर रहे वाहनों को रुकवा कर उनसे कागजातों की जांच के नाम पर तो कई तरह से उन्हें झांसे में लेकर पैसे वसूल रहे थे। एक वाहन चालक ने निरसा थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी। थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और विजिलेंस अधिकारी बने सात लोगों को उनके वाहनों के साथ पकड़ कर थाना ले आए।
पकड़े गए सभी लोग बंगाल के रहनेवाले
सभी लोगों को निरसा थाना में रखकर पूछताछ की जा रही है।
मामले की जांच-पड़ताल करने के बाद पुलिस को यह जानकारी मिली है कि ये लोग फर्जी एवं नकली विजिलेंस अधिकारी बनकर वाहन चालकों से पैसे की वसूली रहे थे। पकड़े गए सभी लोग बंगाल के रहने वाले हैं। ये लोग इस तरह का धंधा काफी दिनों से कर रहे थे। थानेदार ने पूरे मामले से वरीय पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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