मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के कोंडावत गांव में गुरुवार को हुए एक भीषण हादसे में आठ लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद शुक्रवार को गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम संस्कार के दौरान हर कोई गमगीन था। एक साथ आठ अर्थियां उठने से पूरे गांव में मातम का माहौल था। गांव के लोग अपने परिजनों की असामयिक मौत से शोक संतप्त थे। यह हादसा गणगौर माता विसर्जन के दौरान हुआ था, जब ग्रामीण एक पुराने कुएं की सफाई कर रहे थे और जहरीली गैस के संपर्क में आ गए।
गणगौर विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह कुआं 150 साल पुराना है और प्रतिवर्ष गणगौर माता के जवारों का विसर्जन करने के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन इस बार कुएं में जमा जहरीली गैस के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। कुएं की सफाई करते वक्त आठ लोग गैस के संपर्क में आ गए, जिससे उनकी सांस रुक गई और उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस और एसडीईआरएफ टीम ने मिलकर शवों को कुएं से बाहर निकाला। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, और शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे शवों को गांव लाया गया।
आंखों में आंसू और दिल में दुख
शुक्रवार को गांव के मुक्तिधाम में एक साथ आठ चिताएं जलीं। यह दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था, क्योंकि किसी ने अपने बेटे को खो दिया, तो किसी ने भाई को। एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, और यह पल सभी के दिलों को छू गया। इस हादसे ने न सिर्फ मृतकों के परिवारों को, बल्कि पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया है।
एक भी घर में नहीं जल रहा चूल्हा
हादसे के बाद कोंडावत गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। हर घर में दुख और निराशा का माहौल है। यह एक ऐसा हादसा था, जिसने न केवल आठ परिवारों को असमय खो दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
मृतकों के नाम और उनकी उम्र
हादसे में जिन आठ लोगों की मौत हुई, उनके नाम हैं: राकेश पटेल (21 साल), वासुदेव पटेल (40 साल), अर्जुन पटेल (35 साल), गजानंद पटेल (35 साल), मोहन पटेल (48 साल), अजय पटेल (25 साल), शरण पटेल (40 साल), और अनिल पटेल (25 साल)।
मुख्यमंत्री ने की अनुग्रह राशि की घोषणा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं, और परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की कि वे मृतकों को शांति और परिजनों को इस गहरे दुःख को सहन करने की शक्ति दें। यह हादसा न केवल खंडवा बल्कि पूरे राज्य में एक गहरी छाप छोड़ गया है, और इसने यह सिखाया है कि किसी भी परंपरा या पूजा के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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