बाराबंकी: बाराबंकी जिले में सरकारी अभिलेखों में दर्ज 812 संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड ने दावा किया है। इन संपत्तियों में 614 कब्रिस्तान, 15 ईदगाह, 6 मदरसे, 12 दुकानें और 70 कर्बला शामिल हैं। वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह संपत्तियां दफा-37 के तहत उसकी हैं। हालांकि, जिले में वक्फ बोर्ड की वास्तविक संपत्तियों की संख्या लगभग 5011 है, जिसमें मजार, ईदगाह और अन्य भूमि शामिल हैं।

सरकारी अभिलेखों में दर्ज 812 संपत्तियों पर वक्फ का दावा अब समाप्त किया जाएगा, और इसके साथ ही अन्य सरकारी जमीनों की भी छानबीन की जाएगी। इस सिलसिले में शासन से आदेश मिलते ही पुनः सर्वे कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकारी 812 संपत्तियों पर वक्फ का दावा है, जिनमें लगभग 108 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा है। वक्फ बोर्ड ने दफा-37 के तहत इन संपत्तियों को अपनी बताई है, जो उनके अभिलेख में दर्ज हैं।
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का विवरण
वक्फ बोर्ड के दावे के अनुसार, 812 संपत्तियों में 614 कब्रिस्तान, 15 ईदगाह, 6 मदरसे, 12 दुकानें और 70 कर्बला शामिल हैं। इसके अलावा 33 जगहों पर मजारें, 43 मस्जिदें, 5 दरगाहें, 1 पाठशाला, 1 खेल मैदान, 1 बंजर जमीन, 1 तकिया और 10 जगहों पर अन्य जमीनें भी पड़ी हैं।
वहीं, जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्रों में वक्फ बोर्ड का कब्जा:
- तहसील नवाबगंज: 76 संपत्तियों पर 9.167 हेक्टेयर जमीन
- रामनगर: 34 संपत्तियों पर 5.157 हेक्टेयर जमीन
- रामसनेहीघाट: 285 संपत्तियों पर 49.042 हेक्टेयर जमीन
- तहसील सिरौलीगौसपुर: 11 संपत्तियों पर 2.873 हेक्टेयर जमीन
- हैदरगढ़: 68 संपत्तियों पर 15.801 हेक्टेयर जमीन
- फतेहपुर: 338 संपत्तियों पर 26.751 हेक्टेयर जमीन
वक्फ बोर्ड की वास्तविक संपत्तियां
सिर्फ सरकारी अभिलेखों में दर्ज 812 संपत्तियों को छोड़कर वक्फ बोर्ड की असली संपत्तियां लगभग 5011 हैं, जिनमें सुन्नी और शिया समुदाय की संपत्तियां शामिल हैं। इनमें मजार, कर्बला, दरगाह, कब्रिस्तान, मस्जिद, ईदगाह, बाजार और दुकानें शामिल हैं।
पूर्व में हुए सर्वे की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अब शासन से निर्देश मिलने पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का पुनः सर्वे करवाई जाएगी।
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