रांची: JSSC Paper Leak: झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) की कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल परीक्षा में पेपर लीक होने का मामला काफी गर्म है। एक ओर जहां अभ्यर्थी पेपर लीक मामले में सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर इस मामले में प्रशासन में भी हड़कंप है। जो बातें सामने आ रही हैं उनके अनुसार JSSC Paper Leak स्कैंडल के पीछे रांची से लेकर पटना तक सरकारी अफसरों, कोचिंग संचालकों और धंधेबाजों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय रहा है।

JSSC Paper Leak : 27-30 लाख उपलब्ध कराए गए पर्चे
इस मामले में सारा खेल झारखंड और बिहार विधानसभा के अधिकारी व उनके रिश्तेदार ने किया था। JSSC Paper Leak मामले में गिरफ्तार किए झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो शमीम और उनके दो बेटों ने छह अभ्यर्थियों को परीक्षा के पहले 27-30 लाख रुपये में पर्चे उपलब्ध कराए थे। इस मामले में झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मोहम्मद शमीम और उसके दोनों बेटों शहजादा और शाहनवाज को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इन तीनों आरोपियों को रांची सिविल कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बिहार विधानसभा के कर्मचारी की तलाश में पुलिस
दूसरी ओर, मामले में बिहार विधानसभा के कर्मी मोहम्मद रिजवान की भी संलिप्तता सामने आयी है। वह गिरफ्तार अवर सचिव का दामाद बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआइटी ने बिहार के पटना के अनीसाबाद स्थित उसके घर में छापा मारा। हालांकि उस समय तक वह फरार हो चुका था।
परीक्षा से पहले ही लीक कराए गए थे प्रश्नपत्र
JSSC Paper Leak मामले में झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो शमीम ने प्रश्न पत्र लीक कराया था। परीक्षा होने के दौरान ही जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हो गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच शुरू की तो पता चला है कि पेपर लीक कांड में झारखंड से लेकर बिहार तक के सरकारी अफसरों, कोचिंग संचालकों और धंधेबाजों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार किए गये झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो. शमीम और उनके दो बेटों ने छह अभ्यर्थियों को परीक्षा के पहले 27-30 लाख रुपये में पर्चे उपलब्ध कराए थे। यह खेल परीक्षा शुरू होने से पहले ही हो चुका था।
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