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Diwali 2024 : लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

दीपावली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, खुशहाली और नये आरंभ का प्रतीक है।

by Rakesh Pandey
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फीचर डेस्क : दीपावली जिसे हम दिवाली के नाम से भी जानते हैं, हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इस पर्व का पूरे साल भर लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह त्योहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को विभिन्न स्थानों पर मनाया जाएगा। इस अवसर पर घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है क्योंकि यह दिन लक्ष्मी माता और भगवान गणेश की पूजा का होता है।

दिवाली 2024 की तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि का आरंभ 31 अक्टूबर को सुबह 3:52 बजे होगा और इसका समापन 1 नवंबर को शाम 6:16 बजे होगा। इस समय के दौरान भक्तगण लक्ष्मी माता और गणेश जी की पूजा करके सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

इस दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ समय प्रदोष काल में होता है। प्रदोष काल का समय 31 अक्टूबर को शाम 5:36 बजे से रात 8:11 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, रात 11:39 बजे से रात 12:30 बजे तक का समय भी लक्ष्मी पूजन के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।

पूजा की विधि

स्थान की तैयारी: लक्ष्मी पूजन के लिए घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को चुनें।
पंडाल सजाएं: पूजा के लिए चौकी पर नया लाल वस्त्र बिछाएं।
स्वास्तिक बनाएँ: चौकी पर स्वास्तिक बनाएं और उसके ऊपर चावल की कटोरी रखें।
मूर्तियों की स्थापना: माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें।
अर्पण करें: देवी-देवताओं को पुष्प, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें।
आरती करें: अंत में देवी-देवताओं की आरती करें।

मंत्रों का जाप
लक्ष्मी पूजन के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी किया जाता है, जिनसे माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है:

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।

ऊं एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुद्धि प्रचोदयात।

ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः।

महत्व


दीपावली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, खुशहाली और नये आरंभ का प्रतीक है। इस दिन की पूजा से घर में सुख-शांति का वास होता है और धन-धान्य की कमी नहीं होती। यह पर्व हमें न केवल अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर मनाने का अवसर देता है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मकता और खुशियों का संचार भी करता है। इस दिवाली, लक्ष्मी माता और भगवान गणेश की पूजा करें और अपने घर को खुशियों से भर दें। सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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