रामगढ़ : रामगढ़-गिद्दी मुख्य मार्ग पर 24 घंटे तक आवागमन ठप रहा। गुरुवार को सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों ने जमकर बवाल मचाया। परिजनों और ग्रामीणों ने 24 घंटे तक इस मार्ग को जाम रखा। मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी के नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता और मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो भी सड़क पर उतरे।
सोलार प्लांट प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता चली। विभिन्न मुद्दों पर सहमति – असहमति के बीच विवाद कायम रहा। शुक्रवार की शाम मुआवजे के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त कराया जा सका। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा।
मृतक के आश्रितों को नौकरी देने का आश्वासन
मांडू अंचल अधिकारी तृप्ति विजय कुजूर भी वार्ता में शामिल थे। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी थी। लेकिन सोलार कंपनी प्रबंधन इसे देने को तैयार नहीं था। अंततः कंपनी एवं परिजनों ने नगर परिषद उपाध्यक्ष के साथ हुई वार्ता में तय रकम 13 लाख 50 हजार पर अपनी सहमति जताई। हालांकि यह रकम परिजनों को तत्काल नहीं मिली है।
कंपनी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मृतक के आश्रितों के खाते में यह रकम भेज दी जाएगी। इसके अलावा मृतक के आश्रितों को नौकरी और घायल व्यक्ति को इलाज करने का भी आश्वासन दिया गया। लिखित आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया।
एक्सप्लोसिव वैन से कुचलकर हुई थी दो लोगों की मौत
एक्सप्लोसिव वैन से कुचलकर गुरुवार को रामगढ़ थाने के बिंझार गांव के पास दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी। मृतक अमित मुंडा और बब्लू बेदिया मनुआ गांव के रहने वाले थे। वह अपने एक अन्य साथी पंकज के साथ स्कूटी जेएच 01 एफजेड 8113 पर सवार होकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान एक्सप्लोसिव वैन की चपेट में आ गए थे। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया था। शुक्रवार को जब धूप तिखी निकली तो सड़क पर ही टेंट लगाकर शव को ढंक दिया गया।
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