लाहली (हरियाणा) : हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी में एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया। वह एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बने। कंबोज ने केरल के खिलाफ ग्रुप C के मैच में इस उपलब्धि को हासिल किया, जहां उन्होंने केवल 30.1 ओवर में 49 रन देकर 10 विकेट झटके।
रणजी ट्रॉफी में अद्वितीय उपलब्धि
कंबोज की यह शानदार गेंदबाजी रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई। इससे पहले, इस मुकाम तक केवल दो अन्य गेंदबाज पहुंचे थे: प्रेमांगशु चटर्जी (1956 में बंगाल बनाम असम मैच में 20 रन देकर 10 विकेट) और प्रदीप सुंदरम (1985 में राजस्थान बनाम विदर्भ मैच में 78 रन देकर 10 विकेट)।
कंबोज की इस उपलब्धि ने उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले छठे भारतीय गेंदबाज का दर्जा दिलाया। इस सूची में अन्य नामों में अनिल कुंबले, सुभाष गुप्ते, और देबाशीष मोहंती शामिल हैं।
रिकॉर्ड-ब्रेकिंग गेंदबाजी प्रदर्शन
कंबोज ने रणजी ट्रॉफी के तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए केवल दो विकेट की आवश्यकता थी। उन्होंने बासिल थम्पी और शॉन रोजर के विकेट लेकर अपना नाम क्रिकेट के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज कराया। उनकी शानदार गेंदबाजी के बाद हरियाणा ने केरल को पहली पारी में केवल 291 रन पर आउट कर दिया। इसके साथ ही कंबोज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 विकेट का आंकड़ा भी पार कर लिया।
भारत के प्रमुख गेंदबाजों की सूची
अंशुल कंबोज ने अपने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के आगामी तेज गेंदबाजों में से एक हैं। इस उपलब्धि के साथ उनका नाम भारत के प्रमुख गेंदबाजों के साथ दर्ज हो गया है, जिनमें अनिल कुंबले, सुभाष गुप्ते और देबाशीष मोहंती भी शामिल हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची:
10/20 – प्रेमांगशु चटर्जी (बंगाल बनाम असम, 1956-57)
10/46 – देबाशीष मोहंती (पूर्वी क्षेत्र बनाम दक्षिण क्षेत्र, 2000-01, दलीप ट्रॉफी)
10/49 – अंशुल कंबोज (हरियाणा बनाम केरल, 2024-25, रणजी ट्रॉफी)
10/74 – अनिल कुंबले (भारत बनाम पाकिस्तान, 1999, कोटला टेस्ट मैच)
10/78 – प्रदीप सुंदरम (राजस्थान बनाम विदर्भ, 1985-86, रणजी ट्रॉफी)
10/78 – सुभाष गुप्ते (मुंबई बनाम पाकिस्तान कंबाइंड सर्विसेज और बहावलपुर एकादश, 1954-55)

