चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गुवा स्थित सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के खदान में स्थानीय ग्रामीणों को बहाल करने की मांग को लेकर मुंडा-मानकी संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन के बीच समाधान की कोशिशें जारी हैं। बताया जाता है कि शनिवार को सेल प्रबंधन और मुंडा-मानकी के बीच प्रस्तावित वार्ता प्रतिनिधियों की कम उपस्थिति के कारण असफल रही। अ
ब सोमवार को दोपहर 3 बजे फिर से निर्णायक बैठक बुलाई गई है। सेल प्रबंधन ने शनिवार दोपहर 3 बजे 18 गांवों के मुंडा-मानकी को गुवा में वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। मकसद लंबे समय से चल रहे बहाली विवाद का हल निकालना था। लेकिन, बैठक में अपेक्षित संख्या में प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। 18 गांवों में से केवल 5 गांवों के मुंडा ही बैठक में शामिल हुए। उपस्थिति कम होने के कारण वार्ता बेनतीजा रही और बैठक स्थगित कर दी गई।
सेल के एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह और सीएसआर के डीजीएम अनिल कुमार ने बताया कि इससे पहले भी आंदोलनरत मुंडा-मानकी के साथ दो बार बैठक का प्रयास किया गया था। लेकिन दोनों बार कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी पक्ष आपसी संवाद के लिए एक साथ नहीं बैठेंगे, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।
सेल प्रबंधन का कहना है कि वार्ता ही एकमात्र रास्ता है, जिससे इस गतिरोध को समाप्त किया जा सकता है। प्रबंधन स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मुद्दे पर सकारात्मक है, लेकिन इसके लिए सभी पक्षों का एक मंच पर आना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सेल प्रबंधन ने 18 गांवों के मुंडा-मानकी को सोमवार दोपहर 3 बजे गुवा सेल के जनरल ऑफिस के समक्ष बैठक के लिए पुनः आमंत्रित किया है।
प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बार सभी संबंधित पक्ष उपस्थित होंगे और बातचीत के जरिए कोई ठोस समाधान निकलेगा। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से खदान में बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। उनकी मांग है कि सेल खदान में आसपास के गांवों के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नियोजन दिया जाए।

