पटनाः चुनावी रणनीतिकार से स्पष्ट राजनीति में प्रवेश करने वाले जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का मानना है कि बिहार एक फेल राज्य है, इशलिए इसे सुधारने में समय तो लगेगा। आगे उन्होंने कहा कि बिहार एक असफल राज्य है, जो संकट में है, इसलिए बिहार के विकास के लिए अभी बहुत काम करना पड़ेगा और इसमें समय लगेगा।
अमेरिका में खुला जनसुराज का ऑफिस
दरअसल प्रशांत वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअली अमेरिका में रह रहे बिहारवासियों से संपर्क साध रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अमेरिका में जनसुराज पार्टी के नवीन कार्यालय का भी उद्घाटन किया। गौरतलब है कि बिहार उप चुनाव में चार सीटों पर जन सुराज ने अपना प्रत्याशी उतारा था, लेकिन चारों सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
उपचुनाव पर प्रशांत किशोर ने कहा कि…..
बेलागंज सीट से जन सुराज प्रत्याशी मो. अमजद को 17285 वोट मिले थे इस सीट पर जन सुराज पार्टी तीसरे नंबर पर रही, जब कि इमामगंज में जितेंद्र पासवान को 37103 वोट मिले। यहां भी जन सुराज तीसरे नंबर पर रही। तरारी में किरण सिंह को 5622 वोट मिले। यहां भी पार्टी तीसरे नंबर पर रही। रामगढ़ में सुशील कुमार सिंह को 6513 वोट मिले. रामगढ़ में जन सुराज पार्टी चौथे नंबर पर रही।
10 फीसदी वोट से खुश किशोर
उपचुनाव में जीतने वाली पार्टियों को बधाई देते हुए किशोर ने कहा कि एक महीने पहले गठित हुई जनसुराज पार्टी ने इस उपचुनाव में 10 फीसदी वोट हासिल किया। जो कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को मिले 21 फीसदी वोट की अपेक्षा ठीक है। हांला कि उन्होंने आगे बेहतरी की उम्मीद जताई और कहा कि 1 फीसदी वोट भी मिलता, तो बिहार के विकास का जज्बा कम नहीं होता।
2025 में बिहार चुनाव जीतेंगे हमः प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के अमेरिकी कार्यालय की शुरुआत के बाद बिहारी प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जन सुराज 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव जीतेगी। अपने आगामी प्लान पर बात करते हुए किशोर ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार बनते ही सबसे पहले शराबबंदी हटाई जाएगी। इससे आने वाले राजस्व की राशि को प्रदेश के स्कूली शिक्षा में सुधार पर खर्च किया जाएगा।
बिहार ने जापान को भी पीछे छोड़ दिया है
हमें यह समझना होगा कि यह बिहार ऐसा राज्य है जो बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है। बिहार एक देश होता तो यह जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का 11वां सबसे बड़ा देश होता। हमने जनसंख्या के मामले में जापान को भी पीछे छोड़ दिया है।
बिहारी प्रवासियों से बात करते हुए प्रशांत ने कहा कि आने वाले 10 सालों में बिहार एजुकेशन हब बनेगा। फिलहाल हम प्राइमरी और सेकेंडरी एजुकेशन पर फोकस करना चाहते है। इस दौरान उन्होंने बिहार में बाढ़ की समस्या पर अपने प्लान पर भी चर्चा की और कहा कि यह किसी विशषज्ञ का काम होगा, न कि किसी ब्यूरोक्रेट का। उन्होंने बिहार के ज्वलंत मुद्दों जैसे बढ़ती जनसंख्या, बेरोजगारी, पलायन, वित्तीय स्थिरता, सीडी रेशियो व बिहारी आइडेंटिटी समेत कई मसलों पर बात की।

