Home » Hemant Soren : शपथ ग्रहण से पहले हेमंत सोरेन का ट्वीट: ‘हम झारखंडी हैं, झारखंडी झुकते नहीं हैं’

Hemant Soren : शपथ ग्रहण से पहले हेमंत सोरेन का ट्वीट: ‘हम झारखंडी हैं, झारखंडी झुकते नहीं हैं’

इस ट्वीट में उन्होंने न सिर्फ प्रदेश की जनता को धन्यवाद दिया, बल्कि झारखंडी होने के गर्व और एकता के महत्व को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।

by Rakesh Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में गुरुवार (28 नवंबर) को चौथी बार शपथ लेने जा रहे हैं। बीजेपी को झारखंड विधानसभा चुनाव में हराने के बाद कार्यवाहक सीएम सोरेन ने प्रदेशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने न सिर्फ प्रदेश की जनता को धन्यवाद दिया, बल्कि झारखंडी होने के गर्व और एकता के महत्व को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।

सामूहिक संघर्ष और सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता

हेमंत सोरेन ने ट्वीट में लिखा ‘जोहार साथियों, आज का दिन ऐतिहासिक होगा। यह वह दिन है जब हमारे सामूहिक संघर्ष, प्रेम और भाईचारे की भावना और न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी’। इस ट्वीट के माध्यम से सोरेन ने झारखंड की महान धरा और यहां के वीरों के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती हमेशा संघर्षों और विरोधों का केंद्र रही है और यह आंदोलन न सिर्फ राजनीतिक बल्कि सामाजिक न्याय के लिए भी हमेशा प्रासंगिक रहे हैं।

झारखंडी एकता – सबसे बड़ा हथियार

हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि झारखंडियों की एकता ही उनका सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि हमारी एकता हमें विभाजित नहीं कर सकती, न ही हमें शांत किया जा सकता है। जब जब हमें पीछे धकेलने की कोशिश की गई, हम आगे बढ़े हैं। जब भी हमें चुप करने की कोशिश की गई, हमारी आवाज और प्रखर हुई है। क्योंकि हम झारखंडी हैं, और झारखंडी झुकते नहीं हैं। इस संदेश के माध्यम से सीएम सोरेन ने यह भी बताया कि झारखंडी जनता किसी भी दबाव या बाधा के सामने झुकने वाली नहीं है और वह अपने अधिकारों और न्याय की लड़ाई लगातार जारी रखेगी।

पूर्वजों की विरासत और झारखंडियत का संघर्ष

सोरेन ने अपने ट्वीट में झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, शहीद तेलंगा खड़िया, फूलो-झानो, पोटो हो, शेख भिखारी जैसे वीरों का उल्लेख किया, जिनका संघर्ष झारखंड की आजादी और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण रहा है। सोरेन ने कहा कि आज का दिन केवल राजनीतिक जीत का नहीं है, बल्कि यह दिन झारखंडियों के सामूहिक संघर्ष, उनके संघर्षों के प्रति समर्पण और सामाजिक न्याय की दिशा में उनका दृढ़ संकल्प पुनः प्रकट करने का है।

लोकतंत्र के खतरे और झारखंड की एकजुटता

आज के समय में लोकतंत्र पर बढ़ते दबाव और सामाजिक संरचनाओं में गहरी दरारों के बावजूद, हेमंत सोरेन ने यह स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता अपने इतिहास, एकता और संघर्ष की विरासत से प्रेरित होकर एकजुट है। उन्होंने कहा, “जब समाज में दरारें उत्पन्न हो रही हैं, तब हमें अपने पूर्वजों की एकता की भावना को फिर से अपनाना होगा और हर झारखंडी को साथ लेकर चलने का संकल्प दोहराना होगा।

झारखंड का भविष्य और नई दिशा

हेमंत सोरेन के इस ट्वीट में एक स्पष्ट संदेश है कि झारखंड के लोग न केवल अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक न्याय की दिशा में भी उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। झारखंड के लोग अपनी एकता में ताकत पाते हैं और इसे बरकरार रखने की प्रतिबद्धता उनके दिलों में है। मुख्यमंत्री बनने के बाद, हेमंत सोरेन ने राज्य की जनता के साथ मिलकर न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन की दिशा में भी काम करने का संकेत दिया है।

Read Also- Hemant 4.0: क्या हेमंत सरकार में शामिल होंगी कल्पना सोरेन, कल हेमंत सहित 6 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना

Related Articles