गोरखपुर : गोरखपुर महोत्सव के तीसरे दिन समापन समारोह में बॉलीवुड नाइट के अंतर्गत ऋचा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से महफिल को सुहाना बना दिया। रोमांचित लोगों को जैसे ही उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध गीत “बिल्लो रानी” सुनाया, श्रोता थिरके बिना नहीं रह सके। ऋचा ने अपने कई गानों पर लोगों को देर तक झुमाया। ऋचा के साथ भोजपुरी अभिनेता और गोरखपुर सांसद रवि किशन ने भी जुगलबंदी की।

जिंदगी में कोई कभी आए ना रब्बा
करीब साढ़े नौ बजे ‘ओ सजना रे, ओ राझणा रे’ के साथ ऋचा ने अपने प्रस्तुति की शुरुआत जैसे ही की श्रोताओं ने उनका गर्मजोशी से शोर मचाकर स्वागत किया। उनके मंच पर आते ही श्रोता कुर्सियों से खड़े हो गए। तालियों की सामूहिक गूंज ने माहौल को खासा उत्साहित कर दिया। ऋचा भी एक के बाद एक गीत गाकर श्रोताओं को मदहोश करतीं रहीं। ‘सोनिया वे, माहिया वे’ , ज़िंदगी मे कोई कभी ना आए ना रब्बा…’ से उन्होंने लोगों को प्रेम से जोड़ा। जैसे ही ऋचा शर्मा ने सांसद रवि किशन के साथ जुगलबंदी में ‘नजर लागी राजा तोरे सुनाया श्रोताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। ऋचा ने श्रोताओं को सुर से सुर मिलाने को कहा तो हजारों श्रोताओं के सामूहिक स्वर ने माहौल ही बदल दिया।
गम और प्रेम की कराई अनुभूति
ऋचा ने जहां एक ओर “लंबी जुदाई” गाकर श्रोताओं को गमनीन किया। वहीं दूसरी ओर “माही वे मोहब्ब्ता सचिया और तेरी काली अंखियों से जिंद मेरी जगे” गाकर तालियों की गड़गड़हाट बटोरने के साथ ही प्रेम की अनुभूति कराई। ऋचा देर रात तक श्रोताओं को झूमाती रहीं और उनके आखिरी गाने की प्रस्तुति तक श्रोता सर्द रात में भी डटे रहे।
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