Home » टैक्सपेयर्स को मिल सकती है दो बड़ी Good News, वित्त मंत्री करेंगी बजट 2025 में ऐलान

टैक्सपेयर्स को मिल सकती है दो बड़ी Good News, वित्त मंत्री करेंगी बजट 2025 में ऐलान

नई टैक्स व्यवस्था में छूट देकर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की योजना है। बजट 2025 में टैक्स संबंधी बदलाव की संभावना होने पर भी अंतिम फैसला पीएमओ की ओर से लिया जाएगा।

by Reeta Rai Sagar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

सेंट्रल डेस्क। Budget 2025: भारत की जनता मोदी सरकार के टैक्स सिस्टम से परेशान है। अब खबर है कि सरकार इनकम टैक्स छूट में बदलाव कर सकती है। लेकिन, यह छूट नई टैक्स व्यवस्था में ही मिलेगी। नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बनाने के लिए इसमें छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

टैक्स व्यवस्था में छूट, अर्थव्यवस्था को नई गति देने की योजना

मोदी 3.0 सरकार का बजट आने में कुछ ही दिन बचे हैं। इस बीच टैक्सपेयर्स के लिए खुशखबरी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था से जुड़े दो बड़े ऐलान कर सकती हैं। नई टैक्स व्यवस्था में छूट देकर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की योजना है। साथ ही सरकार जनता के हाथों में अधिक पैसा पहुंचाकर खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने पर भी जोर दे सकती है।

सूत्रों के अनुसार, सबसे पहला फायदा स्टैंडर्ड डिडक्शन में दिया जा सकता है। जबकि, दूसरा फायदा 15-20 लाख रुपये के टैक्स स्लैब वालों को दिया जा सकता है।

  1. क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ेगी?
    नई कर व्यवस्था में मानक कटौती की वर्तमान सीमा ₹ 75,000 है। सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की योजना बना रही है। पिछले बजट में भी सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 50000 रुपये से बढ़ाकर 75000 रुपये कर दी थी। अगर यह बदलाव होता है तो टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम टैक्स फ्री से ₹1 लाख तक की राशि बनाने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाएगी। इसका सीधा फायदा कर्मचारियों और पेंशनरों दोनों को मिलेगा। इससे करदाताओं के हाथ में अधिक पैसा बचने की उम्मीद है।
  2. क्या 20% टैक्स स्लैब का दायरा बढ़ेगा?
    दूसरी बड़ी खुशखबरी यह है कि सरकार नई टैक्स व्यवस्था में 20% टैक्स स्लैब का दायरा बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक 12-15 लाख रुपये की आय वालों पर 20% टैक्स लगाया जाता था। लेकिन, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये की आय की जा सकती है। इस बदलाव से खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जिनकी आय 15-20 लाख रुपये के बीच है। इस बदलाव से मध्यम और उच्च आय वर्ग के करदाताओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि उन्हें पहले की तुलना में कम टैक्स देना होगा।

पीएमओ ले सकता है अंतिम फैसला
भले ही बजट 2025 में टैक्स संबंधी बदलाव की संभावना हो, लेकिन अंतिम फैसला पीएमओ की ओर से लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय की ओर से इस पर रिपोर्ट पेश कर दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरानी टैक्स पॉलिसी को वापस लेने के लिए नई टैक्स व्यवस्था को और इफेक्टिव बनाना जरूरी है। इसलिए मौजूदा टैक्स छूट का दायरा बढ़ाना होगा। मौजूदा समय में नई टैक्स प्रणाली में 7 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री है और स्टैंडर्ड डिडक्शन में छूट मिलती है। इसके अलावा अन्य किसी तरह की छूट का अभी प्रावधान नहीं है।

फिसकल डिफिसिट को कम करना सरकार की चुनौती होगी
देश का आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 8वां बजट पेश करेंगी। वहीं, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह दूसरा पूर्ण बजट होगा। बड़े अर्थशास्त्री इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सरकार का फोकस फिसकल डिफिसिट को कंट्रोल में रखने पर होगा। चालू वित्त वर्ष के लिए फिसकल डिफिसिट का लक्ष्य 4.9% है, जिसे 2026 तक 4.5% से कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

Related Articles