Home » Ranchi News : 300 बालू घाटों को जल्द करें चालू, 3000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाएं : हेमन्त सोरेन

Ranchi News : 300 बालू घाटों को जल्द करें चालू, 3000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाएं : हेमन्त सोरेन

Ranchi News : अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफियाओं के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : राज्य के खनिज संसाधनों से अधिकतम राजस्व प्राप्त करने और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीलाम हो चुके 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन घाटों के संचालन से राज्य को लगभग 3000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इसका लाभ राज्य की अर्थव्यवस्था तथा स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। इसके लिए खनिज संसाधनों के पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता देते हुए लंबित परियोजनाओं और खनन गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और बालू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से राज्य को भारी राजस्व हानि होती है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी चाहिए। आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण और सघन निगरानी के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा गया।

376 घाटों से पंचायतों के माध्यम से हो रहा बालू उठाव

बैठक में बताया गया कि राज्य में कुल 820 बालू घाट हैं। इनमें 376 घाटों से पंचायतों के माध्यम से बालू उठाव किया जा रहा है, जबकि शेष 444 घाटों में से 300 की नीलामी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नीलाम हो चुके सभी घाटों से शीघ्र बालू उठाव शुरू कराया जाए तथा शेष घाटों की नीलामी प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री ने बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की बंद पड़ी खदानों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन दोबारा शुरू कराया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो संबंधित लीज निरस्त कर पुनः नीलामी की जाए। उन्होंने उन खनिज ब्लॉकों की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया जिनकी नीलामी हो चुकी है लेकिन अब तक वे संचालित नहीं हो पाए हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यरत और गैर-कार्यरत खनन क्षेत्रों की मैपिंग कराने पर भी जोर दिया।

स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बैठक में राज्य की सात स्वर्ण खदानों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उत्पादन बढ़ाने, संचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने तथा नई संभावित स्वर्ण खदानों की नीलामी प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण खनन क्षेत्र में झारखंड की बड़ी संभावनाएं हैं और योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम तथा झारखंड खनन एवं अन्वेषण कंपनी को अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने, रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने और संस्थागत क्षमता मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की आय में भी वृद्धि होगी।

भवन निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और तकनीकी निरीक्षण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Read Also: Jharkhand News : मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की

Related Articles

Leave a Comment