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Chaibasa News: जन भागीदारी अभियान में पश्चिमी सिंहभूम देश के टॉप 10 में, मिला 5 लाख रुपये का पुरस्कार

by Rajeshwar Pandey
West Singhbhum Jan Bhagidari Campaign
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चाईबासा : भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत 18 से 25 मई तक संचालित “जन भागीदारी: सबसे दूर, सबसे पहले अभियान” में पश्चिमी सिंहभूम जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सफल आयोजन के लिए बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह में जिले को सम्मानित किया गया।

पश्चिमी सिंहभूम यह सम्मान पाने वाला झारखंड राज्य का एकमात्र जिला है। देशभर में शीर्ष 10 जिलों में शामिल होने पर पश्चिमी सिंहभूम को 5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। समारोह में देशभर के उत्कृष्ट जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पश्चिमी सिंहभूम जिले की ओर से परियोजना निदेशक समेकित जनजाति विकास अभिकरण ने भाग लिया और पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से गतिविधियों की जानकारी दी।

दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंची सरकारी योजनाएं

जनजातीय आबादी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन ने जन केंद्रित विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में आईटीडीए और विभिन्न विभागों के समन्वय से दूरस्थ और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुशासन की पहुंच सुनिश्चित की गई।

2.23 लाख से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित

18 से 25 मई तक जिले के 18 प्रखंडों के 927 गांवों में कुल 855 शिविर लगाए गए। इनसे 2.23 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए और 21,845 सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसमें 855 स्वास्थ्य जांच शिविर, 2395 आधार संबंधी कार्य, 2381 जाति प्रमाण पत्र, 452 आय प्रमाण पत्र, 2363 पेंशन नामांकन, 3095 राशन कार्ड सेवाएं, 1133 आयुष्मान कार्ड, 1237 किसान क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। पीएम किसान सम्मान निधि से 226, सुकन्या समृद्धि योजना से 116 लोगों को लाभ मिला।

7068 शिकायतों का समाधान

डोरस्टेप सेवा व्यवस्था के माध्यम से 8,068 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 7,042 का सफलतापूर्वक समाधान किया गया। रक्तदान दिवस पर 680 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह किया गया। टीबी मरीज दत्तक ग्रहण, पंचायत भवनों का सुदृढ़ीकरण, वृक्षारोपण और सखी दिवस जैसे नवाचार भी किए गए।

सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण

मानकी मुंडा प्रणाली की सक्रिय भागीदारी से सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शासन व्यवस्था मजबूत हुई है। यह अभियान जनभागीदारी आधारित विकास और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

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