
रांची : रांची के जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और एमिकस क्यूरी इंद्रजीत सिन्हा से अब तक की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा मांगा है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
अदालत इस दिन जल स्रोतों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने और पूर्व के आदेशों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा करेगी। पिछली सुनवाई में सरकार ने बताया था कि धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम के लिए अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण की रिपोर्ट रांची उपायुक्त ने दाखिल कर दी है।
धुर्वा डैम की जमीन पर अतिक्रमण मामले में एसीबी ने सीलबंद जांच रिपोर्ट भी अदालत में पेश की थी। एसीबी के अधिवक्ता सुमीत गडोदिया ने बताया था कि नगड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।
हाईकोर्ट ने तीनों डैम के लिए अधिग्रहित जमीन का रकबा, नक्शा, सर्वे नंबर, अतिक्रमण का विवरण और उसे हटाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी थी।
पानी टंकी गिरने से दो मजदूरों की मौत का मामला उठा
सुनवाई के दौरान झारखंड सिविल सोसाइटी की ओर से अधिवक्ता शुभम कटारूका ने रांची जिला स्कूल में पुरानी पानी टंकी तोड़ने के दौरान दो मजदूरों की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और संबंधित ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

