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RIMS Security : रिम्स की सुरक्षा भगवान भरोसे, कोई मोबाइल में व्यस्त, तो कोई बच्चों में मस्त

by Vivek Sharma
Health Minister Dr. Irfan Ansari in Rims
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रांची : राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। आखिर हो भी क्यों न! सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवान मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। वहीं कई जवान बच्चों को खेलाने में मस्त रहते हैं। इससे साफ है कि हॉस्पिटल में मरीज से लेकर कोई परिजन सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही रिम्स में मरीज के परिजन के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। उस समय भी ड्यूटी पर सैकड़ों जवान तैनात थे, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या प्रबंधन की आंखों पर पट्टी बंधी है, जो ये चीजें दिखाई नहीं दे रही हैं।

सरकार के आदेश पर तैनाती

सरकार के आदेश पर हॉस्पिटल की सुरक्षा में होमगार्ड के जवानों तैनात किया गया है। फिलहाल हॉस्पिटल में सुबह से रात तक तीन शिफ्ट में 400 जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है, लेकिन कभी भी ये जवान ड्यूटी पर सतर्क नहीं रहते। कई बार ये अपने ड्यूटी स्थल पर भी नहीं होते। दूसरी ओर वार्ड में मरीजों के परिजनों की भीड़ लगी रहती है। सुरक्षा कर्मी ओपीडी को भी व्यवस्थित नहीं कर पाते हैं। इससे इलाज करने वाले डॉक्टरों व नर्स को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

1500 मरीज इनडोर में एडमिट

हॉस्पिटल में हर दिन इलाज के लिए 2500 मरीज आते हैं। इसमें करीब 2000 मरीज ओपीडी के होते है। वहीं 500 मरीज इलाज के लिए इमरजेंसी में आते हैं। इनडोर की बात करें तो हमेशा 1500 मरीज अलग-अलग वार्डों में एडमिट रहते हैं। अब इतनी संख्या में मरीजों की सुरक्षा ऐसे लापरवाह जवानों के हाथों में सौंप दी गई है, जिन्हें केवल खानापूर्ति के लिए ड्यूटी करनी है।

एंट्री गेट पर कोई नहीं रोकने वाला

हॉस्पिटल में कुछ दिन पहले तक मरीजों के परिजनों को पास से एंट्री दी जा रही थी, लेकिन अब गेट पर चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज के पास काफी संख्या में परिजन पहुंज जा रहे हैं। इससे वार्डों में भीड़ काफी बढ़ गई है। इतना ही नहीं इससे इलाजरत मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बता दें कि एक मरीज के साथ एक परिजन को वार्ड में रहने की अनुमति है। लेकिन पास सिस्टम के ध्वस्त हो जाने से एक मरीज के पास कई परिजन पहुंच जा रहे हैं।

क्या कहता है हॉस्पिटल प्रबंधन

इस मामले में पूछने पर रिम्स के पीआरओ डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि हां, कुछ लोगों की शिकायतें मिली हैं। वे फोन में बिजी रहते हैं। समय-समय पर इनकी ब्रीफिंग की जाती है। प्रबंधन हॉस्पिटल की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। अगर कोई दोषी पाया जाएगा, तो उस पर कार्रवाई होगी।

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