पटना : बिहार में साइबर अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए दूरसंचार विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में बढ़ते साइबर क्राइम और धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए अब 27 लाख से अधिक सिम कार्ड बंद किए जाएंगे। इस निर्णय के तहत, बिहार में अब कोई भी व्यक्ति एक आधार कार्ड पर 9 से अधिक सिम कार्ड नहीं रख सकेगा। यह कदम दूरसंचार विभाग की ओर से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और राज्य में बढ़ती धोखाधड़ी पर काबू पाने के लिए उठाया गया है।
साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाएं
बिहार में इन दिनों साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां के कुछ जिलों में साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी और ठगी के मामलों को अंजाम दे रहे हैं। इन अपराधियों का मुख्य तरीका सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा चुराना है।
राज्य में अब तक 27.55 लाख से अधिक ऐसे लोग पहचाने गए हैं, जिन्होंने 9 या उससे ज्यादा सिम कार्ड ले रखे हैं। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और साइबर क्राइम के लिए किया जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए दूरसंचार विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
कंपनियों को निर्देश, 9 से अधिक सिम कार्ड रखने वालों की होगी जांच
साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने कंपनियों को आदेश दिया है कि जो भी यूजर्स 9 से अधिक सिम कार्ड रखते हैं, उनके सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा। कंपनियों को यह निर्देश भी दिया गया है कि इन यूजर्स से जानकारी ली जाए कि वह कौन से सिम कार्ड को सक्रिय रखना चाहते हैं। बाकी के सिम कार्ड को बंद कर दिया जाएगा।
यह निर्णय बिहार में सिम कार्ड के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और एक व्यक्ति द्वारा एक से अधिक सिम कार्ड रखने की समस्या को सुलझाने के लिए उठाया गया है। कंपनियों ने इस प्रक्रिया पर काम करना शुरू कर दिया है और अब जिनके पास 9 से ज्यादा सिम कार्ड होंगे, उन्हें इन सिम कार्ड को लेकर अपनी पसंद की जानकारी देनी होगी, ताकि केवल उन्हीं सिम कार्ड को चालू रखा जा सके, जो वे उपयोग करना चाहते हैं।
आगे की योजना और सुरक्षा उपाय
बिहार में साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए यह कदम जरूरी था। सरकार और दूरसंचार विभाग का लक्ष्य है कि इस कदम के जरिए साइबर अपराधियों का पता लगाकर उन्हें रोका जा सके और आम जनता को इन खतरों से बचाया जा सके। इसके साथ ही, आम नागरिकों को भी इस मामले की गंभीरता को समझने की जरूरत है, ताकि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।
दूरसंचार विभाग द्वारा यह कदम साइबर अपराधियों की गतिविधियों को कमजोर करने में मददगार साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए यह भी आवश्यक है कि नागरिक अपने सिम कार्ड और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।
Read Also-Leopard : शादी में ‘बिन बुलाए मेहमान’ तेंदुए की Entry : दहशत, भगदड़ और खौफनाक 8 घंटे…

