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RBI Action HCBL Bank Closed : आरबीआई का बड़ा फैसला : लखनऊ के एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द

RBI ने लखनऊ के HCBL को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है! जानिए इसकी वजह, जमाकर्ताओं पर क्या होगा असर।

by Anand Mishra
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  • लखनऊ के HCBL Co-operative Bank पर RBI का बड़ा एक्शन, लाइसेंस रद्द! जमाकर्ताओं का क्या होगा?

Mumbai : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ स्थित एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि बैंक के पास अपनी वित्तीय सेहत सुधारने के लिए पर्याप्त पूंजी और भविष्य में कमाई की कोई ठोस संभावना नहीं बची थी। इसी वजह से यह कठोर कदम उठाना पड़ा है।

बैंक का कामकाज पूरी तरह बंद

आरबीआई ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक ने 19 मई की शाम से ही अपना सारा कामकाज बंद कर दिया है। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारी आयुक्त और पंजीयक से औपचारिक रूप से बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त करने का भी अनुरोध किया है। यह परिसमापक बैंक की संपत्तियों का निपटान करेगा और देनदारियों का भुगतान सुनिश्चित करेगा।

DICGC देगा 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर

हालांकि, इस अप्रिय घटना के बीच बैंक के जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की खबर भी है। परिसमापन की प्रक्रिया पूरी होने पर, प्रत्येक जमाकर्ता अपनी जमा राशि पर जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। आरबीआई ने बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 98.69 प्रतिशत जमाकर्ता ऐसे हैं जिनकी जमा राशि डीआईसीजीसी के बीमा कवर के तहत पूरी तरह से सुरक्षित है और वे अपनी पूरी जमा राशि प्राप्त कर सकेंगे। आरबीआई ने यह भी जानकारी दी कि डीआईसीजीसी ने 31 जनवरी, 2025 तक कुल बीमित जमा राशि में से 21.24 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है, जिससे जमाकर्ताओं को जल्द ही उनका पैसा वापस मिलने की उम्मीद है।

क्यों रद्द हुआ लाइसेंस? आरबीआई ने बताई ये बड़ी वजहें

आरबीआई ने एचसीबीएल को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं। केंद्रीय बैंक का कहना है कि यह सहकारी बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की कुछ महत्वपूर्ण धाराओं की आवश्यकताओं का लगातार पालन करने में विफल रहा था। इसके अलावा, आरबीआई का यह भी मानना है कि बैंक का इस तरह से कामकाज जारी रखना इसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं था और इससे उनके पैसे डूबने का खतरा बना हुआ था। लाइसेंस रद्द होने के बाद, एचसीबीएल सहकारी बैंक को तत्काल प्रभाव से किसी भी तरह की बैंकिंग गतिविधि करने से रोक दिया गया है, जिसमें नए जमा स्वीकार करना और ग्राहकों को उनकी जमा राशि निकालना भी शामिल है।

इस कार्रवाई से लखनऊ के बैंकिंग क्षेत्र में हलचल है और उन जमाकर्ताओं के बीच चिंता का माहौल है जिनका पैसा इस बैंक में जमा है। हालांकि, डीआईसीजीसी के बीमा प्रावधान से अधिकांश छोटे जमाकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। आरबीआई का यह सख्त कदम वित्तीय प्रणाली की स्थिरता और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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