Chaibasa (Jharkhand) : चाईबासा की विशेष पोक्सो अदालत ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के मेदासाई गांव में हुए नाबालिग से दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने रिश्ते में भाई लगने वाले आरोपित सुमित गोप उर्फ पिंटू गोप को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का भी आदेश दिया है।
भरोसे का फायदा उठाकर किया दुष्कर्म
यह घिनौनी घटना 28 मई 2024 को तब घटी जब आरोपित, जो पीड़िता का रिश्तेदार था, उसके घर आया। परिजनों ने उस पर भरोसा करते हुए उसे किसी काम से दूसरे गांव भेजा। रास्ते में जब वे सुनसान जंगल से गुजर रहे थे, तो आरोपित ने पीड़िता के साथ अश्लील बातें करना शुरू कर दिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपित ने उसे चाकू दिखाकर धमकाया और जबरदस्ती जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
धमकी के बावजूद पीड़िता ने सुनाई आपबीती
दुष्कर्म के बाद आरोपित ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। डर और सदमे से सहमी हुई पीड़िता घर पहुंची और अपनी आपबीती परिजनों को सुनाई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला इंसाफ
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत मनोहरपुर थाना पहुंचे और आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच पूरी की और साक्ष्यों के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अदालत में चले सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से पीड़िता का पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप आरोपित को यह कड़ी सजा मिली है। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को कुछ हद तक न्याय मिला होगा।

