Jamshedpur : जमशेदपुर में अतिक्रमण पर सियासी ब्रेक लग गया है। तकरीबन साल भर से अधिक का अरसा हो गया, साकची में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर नहीं गरजा। कुछ महीने पहले डीसी कर्ण सत्यार्थी और एसएसपी पीयूष पांडेय ने साकची में उन स्थलों का जायजा लिया था, जहां अतिक्रमण है। यहां से अतिक्रमण हटाने की रणनीति भी तैयार की गई थी। मगर, बाद में यह पूरी योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। सूत्रों का कहना है कि किसी सियासी दबाव के चलते ऐसा हुआ है।
अतिक्रमण से आमबगान मैदान की हालत खस्ता है। यहां कुछ गैराज वालों की कारों की भरमार है। यह सब कारें बनने के लिए आई हैं। दो तिहाई से अधिक मैदान में कारें ही कारें नजर आ रही हैं। आने-जाने वालों को भी रास्ता खोजना पड़ता है। आमबगान में गैराज का अतिक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जेएनएसी ने यहां कई बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। गैराज वालों को समझाया मगर, कोई मानने के लिए तैयार नहीं है। पहले मैदान में बच्चे खेलते थे। मगर, अतिक्रमण की वजह से खेलकूद नहीं पा रहे हैं। आमबगान के रहने वाले 14 वर्षीय रामिश कहते हैं कि जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। मैदान को अतिक्रमण मुक्त कर साफ सुथरा बनाया जाना चाहिए। मगर ऐसा नहीं किया जा रहा है।
एसडीओ ने खत्म कराया था गैराज वालों का अतिक्रमण
जमशेदपुर में जब सूरज कुमार एसडीओ थे, तब उन्होंने कई बार आमबगान मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराया था। अतिक्रमण के खिलाफ चले इस अभियान में टाटा स्टील यूआईएसएल के भी अधिकारी शामिल थे। आमबगान में गैराज वालों की कारें हर तरफ खड़ी रहती थीं। इससे काफी परेशानी होती थी। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत तत्कालीन एसडीओ सूरज कुमार से की थी। इसके बाद उन्होंने आमबगान को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कई अभियान चलाए थे। इसके बाद आमबगान मैदान से गैराज खत्म हो गए थे। गैराज मालिक कहीं और अपनी कारों की मरम्मत करने लगे थे। मगर, इधर बीच लापरवाही के चलते मैदान में फिर कारों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
मैदान में नहीं बन पाया पार्क
तत्कालीन एसडीओ ने जब आमबगान मैदान को अतिक्रमण मुक्त करा लिया था, तो टाटा स्टील यूआईएसएल ने यहां पार्क बनाने की बात कही थी। आमबगान मैदान के एक बड़े हिस्से में पेड़ लगा कर पार्क बनाने की कोशिश भी हुई। मगर, अतिक्रमणकारियों ने इन पेड़ों को उखाड़ दिया। अभी भी यहां इक्का-दुक्का पेड़ बचे हुए हैं।
व्यावसायिक उपयोग पर लगी थी रोक
जब जमशेदपुर के डीसी अमिताभ कौशल थे, तो उन्होंने आमबगान मैदान का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने कहा था कि यह मैदान बेहद काम का है। इसके बाद उन्होंने मैदान को ठीक कराने का आदेश दिया था। मैदान में व्यावसायिक उपयोग पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन, उनके जाने के बाद फिर मैदान का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो गया।
साकची बाजार में जमकर अतिक्रमण
साकची बाजार में जमकर अतिक्रमण किया गया है। यहां सड़कों तक दुकानों का विस्तार कर लिया गया है। इसकी वजह से वाहनों के आने जाने में दिक्कत हो रही है। कहा जा रहा है कि अगर साकची बाजार में कहीं आग लग जाए तो दमकल की गाड़ी अंदर नहीं घुस सकती है। यहां फुटपाथी दुकानों का भी काफी जोर है। सड़क पर दुकानें लगाई गई हैं। इस वजह से आवागमन में दिक्कत होती है। वाहनों का आवागमन क्या पैदल चलना भी मुहाल होता है।
सीओ की लापरवाही से हो रहा एनक्रोचमेंट
जिला प्रशासन ने साल 2018 में साकची बाजार से अतिक्रमण हटाया था। तब यहां अवैध रूप से बनाई गई पांच दुकानें तोड़ दी गई थीं। मगर, बाद में इन दुकानों का निर्माण हो गया। तब डीसी ने आदेश दिया था कि साकची बाजार में सीओ लगातार अतिक्रमण पर नजर रखेंगे। जो भी अतिक्रमण होगा उसे फौरन हटाएंगे। मगर, डीसी के इस आदेश पर अमल नहीं हुआ है। तीन साल पहले साकची में जहां फूल बेचने वाले दुकान लगाते थे। वहां दो दुकानें बिना नक्शा परमिशन के बना दी गईं।
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