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Nalanda Arms Smuggling Case : AK-47 कारतूस से ‘मेड इन चाइना’ पिस्टल तक : हथियार तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, नालंदा केस में बड़ा खुलासा

Jharkhand Hindi News : जमशेदपुर से लेकर मुंगेर तक फैली थी हथियार सिंडिकेट की जड़ें। एसटीएफ की कार्रवाई में 3 सगे भाइयों समेत 5 पुलिस के हत्थे चढ़े

by Rakesh Pandey
Nalanda Arms Smuggling Casा
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नालंदा/ जमशेदपुर : नालंदा में अपराध की दुनिया का एक खतरनाक नेटवर्क उस वक्त बेनकाब हो गया, जब पुलिस के हाथ AK-47 की गोलियों से भरा जखीरा लग गया। जमशेदपुर से लेकर मुंगेर तक फैले हथियार सिंडिकेट की जड़ें एक किराये के फ्लैट से संचालित हो रही थीं। एसटीएफ की सटीक सूचना और सुनियोजित छापेमारी ने न सिर्फ अवैध हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी, बल्कि तीन सगे भाइयों समेत पूरे गिरोह की परतें भी खोल दीं। जो लंबे समय से बिहार-झारखंड में खौफ का कारोबार चला रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है परवेज, निवासी बारादरी, नगर थाना क्षेत्र (नालंदा), सौरभ झा, निवासी मुंगेर, जीआरजई, महबूब और जाहिद हुसैन, निवासी पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), झारखंड पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार झारखंड के तीनों आरोपी आपस में सगे भाई हैं और पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।

ये जब्त

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से मेड इन चाइना पिस्टल, ऐके-47 के 153 जिंदा कारतूस, 6 मैगजीन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। बरामद हथियारों और गोला-बारूद की मात्रा को देखते हुए पुलिस इसे बड़े पैमाने पर होने वाली डिलीवरी मान रही है।

पुलिस का क्या कहना है

लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि सोहन कुआं मोहल्ले में स्थित त्रिभुवन प्रसाद के मकान के एक फ्लैट में हथियारों की बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना में यह भी बताया गया था कि झारखंड से तस्कर हथियार लेने आने वाले हैं। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रणनीति के तहत छापेमारी कर सभी आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

यहां से संचालित हो रहा था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि जिस फ्लैट से हथियार बरामद हुए, उसे मुंगेर निवासी सौरभ झा ने किराये पर लिया था। वहीं, बिहार के स्थानीय आरोपी परवेज और झारखंड के हथियार तस्करों के बीच मुख्य संपर्क सूत्र था। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद यह आशंका है कि यह नेटवर्क मुंगेर को सेफ हाउस के रूप में इस्तेमाल कर बिहार-झारखंड में हथियारों की आपूर्ति कर रहा था।

जानें पुराने आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि आरोपी परवेज को वर्ष 2013 में 600 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं झारखंड के आरोपी तीनों सगे भाई हत्या समेत कई संगीन मामलों में जेल जा चुके हैं और हाल ही में जमानत पर बाहर आए थे।

इन कारोबार से भी जुड़े थे आरोपी

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी केवल हथियार तस्करी ही नहीं, बल्कि जमीन की खरीद-बिक्री के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस को आशंका है कि अवैध हथियारों से होने वाली कमाई को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट का सहारा लिया जा रहा था।

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