Hazaribag : झारखंड के हजारीबाग जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे के अंदर हाथियों के हमले में सात लोगों की जान जा चुकी है। ताज़ा घटना में एक महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक युवक गंभीर तौर से जख्मी है। हजारीबाग में हाथियों को लेकर हालात गंभीर हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को देर रात लगभग 9 बजे पांच हाथियों के एक झुंड ने चुरचू प्रखंड के बेहरा पंचायत स्थित कजरी के भुरकुंडा टोला पर हमला कर दिया। हाथियों ने यहां एक कच्चे घर को निशाना बनाया। यहां सो रही महिला फूलमनी देवी को एक हाथी ने कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला का पति राजेश मुर्मू हाथी को देखकर पीछे के रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी वह भी हाथी के हमले के चपेट में आ गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
इलाके में लगा दी गई निषेधाज्ञा
सदर एसडीओ ने बताया कि चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार इलाके में हाथियों के हमले की घटनाएं बेहद दुखद हैं और अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ जुटने की सूचना के बाद गोंदवार और आसपास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की गई है।यह निषेधाज्ञा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बलों पर लागू नहीं होगी। इसके साथ ही शव यात्रा, शादी–विवाह एवं अन्य आवश्यक सामाजिक कार्यों को इससे मुक्त रखा गया है। आदेश 13 फरवरी से अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने की उच्चस्तरीय मीटिंग
जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय मीटिंग की है। उन्होंने बताया कि हालात की सतत निगरानी की जा रही है।वन विभाग, पुलिस प्रशासन और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को सतर्क व सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल हाथियों की आवाजाही बेहरा पंचायत के कजरी क्षेत्र में है।इसके साथ ही चनारो, तापीन, पिपरा और पिंडरा क्षेत्रों को भी अलर्ट पर रखा गया है। संबंधित मुखिया, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में फौरन प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें।

