Jamshedpur : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करते हुए कई अहम निर्देश दिए गए। घाटशिला अस्पताल के शिशु केयर यूनिट में पिछले एक वर्ष में 11 नवजात की मौतें हुई हैं। इसको गंभीर लापरवाही मानते हुए डीसी ने कारणों की गहन जांच कर व्यवस्था सुधारने को कहा। डीसी ने कहा कि एक-एक मामले की अलग-अलग जांच हो। इन मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और सुलभ तरीके से पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान और उपचार को तेज करने पर जोर दिया गया। नियमित शिविर आयोजित कर ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए।डायलिसिस सुविधा की समीक्षा में पाया गया कि सदर अस्पताल में 4 और घाटशिला में 3 मशीनें संचालित हैं। उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में यह सेवा बाधित नहीं होनी चाहिए।कुपोषण उपचार केंद्रों में कम बेड ऑक्यूपेंसी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने, प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती और बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए।
टीकाकरण अभियान की समीक्षा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन और छूटे लोगों को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया। वहीं जुगसलाई क्षेत्र में विशेष सुधार लाने को कहा गया।संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने घर में हुए प्रसव के मामलों का केस स्टडी कर समाधान निकालने का निर्देश दिया। साथ ही हर पंचायत में ममता वाहन उपलब्ध कराने के लिए समन्वय बढ़ाने को कहा।
लिंगानुपात में गिरावट को लेकर पटमदा और घाटशिला प्रखंड में अवैध गतिविधियों की आशंका जताते हुए अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया।डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, जागरूकता और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही टीबी, कुष्ठ और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई।उपायुक्त ने अंत में साफ कहा कि जो भी स्वास्थ्यकर्मी अपने कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

