RANCHI: रांची में शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में सोमवार को शहरी नदी प्रबंधन योजना के निर्माण को लेकर पहली ओरिएंटेशन बैठक आयोजित की गई। यह योजना नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा बेसिन के 60 शहरों में लागू की जा रही है, जिसमें रांची भी शामिल है। बैठक में शहर की प्रमुख नदियों जैसे हरमू नदी और स्वर्णरेखा नदी के साथ-साथ तालाबों और झीलों के संरक्षण व पुनर्जीवन पर जोर दिया गया। साथ ही बताया गया कि निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि नदियों में सीवेज और स्टॉर्म वाटर का मिश्रण, ठोस अपशिष्ट का जमाव, बंद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, अतिक्रमण और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं।
योजना के तहत फ्लडप्लेन संरक्षण, नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना, जल निकायों का पुनर्जीवन, जैव विविधता संरक्षण, उपचारित जल का पुनः उपयोग और इको-फ्रेंडली रिवरफ्रंट विकास जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही संबंधित विभागों नगर निगम, जुडको, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जल संसाधन विभाग के बीच समन्वय पर बल दिया गया।
अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख
इसी दौरान रांची नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। वार्ड संख्या 16 के आजाद बस्ती क्षेत्र में निगम की जमीन पर अवैध रूप से संचालित बूचड़खाने को हटाने का निर्णय लिया गया है। यह कार्रवाई रांची नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके बाद वहां पुस्तकालय, सामुदायिक सुविधाएं और अन्य जनकल्याणकारी परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच मिल सके।
नगर आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे जरूरी आंकड़े समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि योजना को तेजी से लागू किया जा सके। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे अवैध गतिविधियों और अतिक्रमण की सूचना प्रशासन को दें।

