रांची । भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने पंचायतों के लिए केंद्र से मिले फंड को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “कट-कमीशन” का खेल जारी है। लेकिन अगर पंचायतों के लिए आई इस राशि में “कट-कमीशन” का खेल हुआ तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
वे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। शाही ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड की 4342 पंचायतों के विकास के लिए 2254 करोड़ रुपये भेजे हैं। उनके अनुसार, यह राज्य गठन के बाद ग्रामीण विकास के लिए दी गई सबसे बड़ी राशि है। इस फंड से हर पंचायत को करीब 52 लाख रुपये मिलेंगे, जिससे गांवों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
एमबीए सिस्टम पर लगाया आरोप
भानु प्रताप शाही ने राज्य में एक “एमबीए” सिस्टम के सक्रिय होने का आरोप लगाया। उन्होंने इसका मतलब बताया – मंत्री, बिचौलिया और अधिकारी का गठजोड़। उनके मुताबिक, यही सिस्टम योजनाओं में कट-कमीशन लेकर विकास कार्यों को प्रभावित करता है। उन्होंने आशंका जताई कि पंचायतों के लिए आई इस बड़ी राशि पर भी इसी सिंडिकेट की नजर है।
सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को सही तरीके से लागू करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 33 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके और सरकार को वापस करना पड़ा। इसे उन्होंने प्रशासनिक कमजोरी बताया।
आवास योजना को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने “अबुआ आवास” योजना के तहत 8 लाख घर बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक एक भी घर पूरा नहीं हुआ। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार अब पीएम आवास योजना के लाभुकों को अपनी योजना में जोड़कर आंकड़े सुधारने की कोशिश कर रही है।
निगरानी की अपील और चेतावनी
भाजपा नेता ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस फंड के उपयोग पर नजर रखें और पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने साफ कहा कि अगर कहीं भी गड़बड़ी सामने आई तो भाजपा इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
शाही ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड को लगातार अधिक फंड दिया है, लेकिन राज्य सरकार उसका सही उपयोग करने में पीछे रह रही है।

