RANCHI: रांची में झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय सॉल्वर-पेपर लीक गिरोह के मुख्य सरगना अतुल वत्स समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 159 अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जिनमें 7 महिलाएं हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बिहार के जहानाबाद का रहने वाला अतुल वत्स है, जो विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने का काम करता रहा है। गिरोह अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये लेकर उन्हें परीक्षा पास कराने का सौदा करता था।
ऐसे हुआ कांड का खुलासा
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की इस परीक्षा से जुड़े इस कांड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अर्द्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक अभ्यर्थियों के संदिग्ध रूप से जमा होने की सूचना मिली। इसके बाद विशेष टीम गठित कर देर रात छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने लगे और सबूत छिपाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने सभी को नियंत्रित कर दो कमरों में रखा और तलाशी ली। तलाशी के दौरान प्रिंटर, तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, फटे एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन और बैंक चेक बरामद किए गए। घटनास्थल से आठ वाहन भी जब्त किए गए हैं।
अभ्यर्थियों को मिला था क्वेश्चन
जांच में यह भी सामने आया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन और आंसर रटाए जा रहे थे। पुलिस से बचने के लिए उनके मोबाइल और एडमिट कार्ड पहले ही ले लिए गए थे। कुछ अभ्यर्थियों ने गिरोह के नाम बैंक चेक भी सौंपे थे।
मुख्य सरगना का आपराधिक इतिहास
अतुल वत्स का आपराधिक इतिहास भी गंभीर है। उस पर नीट 2024 पेपर लीक, सहित कई बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने के आरोप हैं। इसके अलावा राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, बिहार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती 2024 और उत्तर प्रदेश की कई परीक्षाओं में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने तमाड़ थाना में मामला दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी रखी है।

