Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार को ईद उल अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरे उत्साह और जोश-खरोश के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद की नमाज़ अदा की और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी।
मानगो ईदगाह, आमबगान ईदगाह, जुगसलाई ईदगाह समेत शहर की कई प्रमुख ईदगाहों में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। नए कपड़े पहनकर लोग नमाज़ अदा करने पहुंचे। इत्र की खुशबू से पूरा माहौल महक रहा था। इसके अलावा विभिन्न मस्जिदों में भी खास नमाज पढ़ी गई।
नमाज़ के दौरान पेश इमामों ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का वाकया बयान किया। उन्होंने बताया कि अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बानी देने के लिए ले गए थे। जब उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर कुर्बानी दी और पट्टी खोली, तो देखा कि हजरत इस्माइल सुरक्षित खड़े हैं और उनकी जगह एक दुंबे की कुर्बानी हो चुकी थी। इसी याद में ईद उल अजहा का त्योहार मनाया जाता है।
शहर के मानगो, सोनारी, जुगसलाई, धतकीडीह समेत कई इलाकों में बकरीद को लेकर रौनक देखने को मिली। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। पेश इमामों ने लोगों को इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की हिदायत दी। यही नहीं, सुबह से कुर्बानी का भी सिलसिला जारी है। एक दूसरे के घर जाकर भी लोग सेवइयां खा रहे हैं।
Read Also- RANCHI NEWS : पीएलएफआई सुप्रीमो गिरफ्तार, 10 लाख का था इनामी उग्रवादी

