
Jamshedpur : जमशेदपुर के बिष्टुपुर में डबल डाउन बार के सामने हुए हिमांशु हत्याकांड में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे पर मंगलवार को गाज गिर गई है। थाना प्रभारी आलोक दुबे को एसएसपी पीयूष पांडे ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आलोक दुबे को हिमांशु हत्याकांड में लापरवाही का दोषी माना गया है। आलोक दुबे की जगह बर्मामाइंस के थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने की कमान दी गई है।
इसके अलावा गोलमुरी यातायात थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद को बर्मामाइंस का थाना प्रभारी बनाया गया है। साइबर अपराध थाना में रहे पुलिस निरीक्षक मोहम्मद कुद्दूस को गोलमुरी यातायात थाने का प्रभारी बना दिया गया है।
गौरतलब है कि बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे कानून व्यवस्था को संभालने में लापरवाही बरत रहे थे। उसके चलते बिष्टुपुर इलाके में अपराध चरम पर था। शनिवार की रात डबल डाउन बार के सामने हुए हत्याकांड में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आई। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि बदमाश पुलिस के सामने ही हिमांशु पर चापड़ से वार कर रहे हैं और पुलिस असहाय खड़ी हुई है। इस घटना से पूरे जमशेदपुर पुलिस प्रशासन की जो किरकिरी हुई है उसकी भरपाई काफी मुश्किल है।
प्रदर्शन से खूब हुई पुलिस की किरकिरी
सोमवार को हिमांशु की मौत के बाद बिष्टुपुर थाने के सामने जो प्रदर्शन हुआ, उससे पुलिस को काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हुई। यही नहीं थाने में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को खूब खरी खोटी सुनाई। पुलिस की पीसीआर वैन पर पथराव हुआ। सिटी एसपी की गाड़ी पर पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत करने के लिए एसएसपी ने रात में ही कार्रवाई कर दी थी और उन तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था जिनके सामने हिमांशु की हत्या की गई। इनमें एएसआई रतन कुमार दास, राजेश रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे। अब एसएसपी ने बड़ा कदम उठाते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को सस्पेंड कर दिया है।
डांट-डपट कर काट देते थे आम जनता का फोन
बताया जा रहा है कि आलोक दुबे पहले कदमा थाना के इंचार्ज थे। एसएसपी ने उन्हें वहां से हटा कर बिष्टुपुर जैसे महत्वपूर्ण थाने की कमान सौंपी थी। लेकिन जब से आलोक दुबे को बिष्टुपुर थाना प्रभारी बनाया गया, तब से उनके व्यवहार में काफी परिवर्तन आ गया था। अधिकतर समय वह किसी का फोन नहीं उठाते थे। इलाके में घटना की सूचना जनता उन्हें फोन पर देना चाहती थी। लेकिन, फोन नहीं उठने से मायूस रह जाती थी। यही नहीं कभी अगर फोन उठा भी लेते थे तो आम लोगों को डांट डपट कर फोन काट देते थे। इसकी शिकायत एसएसपी तक भी पहुंची थी। अब माना जा रहा है कि थाना प्रभारी के हटा दिए जाने से बिष्टुपुर इलाके में कानून व्यवस्था में सुधार आएगा।

