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Jaintgarh News : जैंतगढ़ में बैतरणी नदी में डूबने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत, अवैध बालू खनन और प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के लोग

Jharkhand Hindi News : स्थानीय युवकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी और बच्चे की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक ने पानी के भीतर अयान को ढूंढ निकाला।

by Rakesh Pandey
Jaintgarh News
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जैंतगढ़ स्थित बैतरणी नदी में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां नहाने के दौरान डूबने से एक 12 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान ओडिशा के चंपुआ (मौलाना गोड़ा) निवासी अयान सरवर के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और बालू माफियाओं के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

मामा के घर आया था मासूम

मिली जानकारी के अनुसार, अयान सरवर इन दिनों अपने जुड़वां भाई सयान के साथ जैंतगढ़ स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे वह बैतरणी नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। नदी किनारे मौजूद एक अन्य बच्चे ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहने पर उसने तुरंत दौड़कर सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार को घटना की जानकारी दी।

ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, पुलिस भी पहुंची

हादसे की खबर फैलते ही महज 10 मिनट के भीतर नदी किनारे सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय 15 से 20 युवाओं ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी और बच्चे की तलाश शुरू की। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।

खोजबीन के दौरान ही तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे बचाव कार्य में बाधा आई, लेकिन स्थानीय युवक पीछे नहीं हटे। करीब 15-20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक ने पानी के भीतर अयान को ढूंढ निकाला और उसे बाहर खींचा। परिजन तुरंत अयान को लेकर अस्पताल भागे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अवैध खनन और प्रशासन पर उठे सवाल?

इस दर्दनाक हादसे के बाद जैंतगढ़ के स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप

नदी में बालू माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। इस अवैध खुदाई के कारण नदी के भीतर जगह-जगह जानलेवा और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो अब बच्चों और आम लोगों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रहे हैं। प्रशासन सब कुछ जानकर भी बालू माफियाओं पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम रहा है।

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी में अवैध बालू उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और खतरनाक घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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