
Ranchi : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों की गैरमौजूदगी का मुद्दा उठा। विधानसभा अध्यक्ष ने सवाल पूछने वाले सदस्यों के समय पर सदन में मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब किसी सदस्य का सवाल सूचीबद्ध है, तो उसके नंबर आने के समय उन्हें सदन में उपस्थित रहना चाहिए। सदस्यों की गैरमौजूदगी से न सिर्फ कार्यवाही प्रभावित होती है, बल्कि सदन की गरिमा पर भी असर पड़ता है।
अरूप चटर्जी को अनुपस्थित बताया, बोले- सदन में ही हूं
कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सदस्यों के नाम पुकारकर उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। इसी क्रम में विधायक अरूप चटर्जी का नाम पुकारा गया और उन्हें अनुपस्थित बताया गया। इस पर अरूप चटर्जी ने तुरंत कहा कि वह सदन में ही मौजूद हैं। इसको लेकर कुछ देर के लिए सदन में असहज स्थिति बनी।
वहीं, देर से सदन में पहुंचे विधायक प्रदीप यादव और जयराम महतो के सवालों का नंबर तब तक आ चुका था। दोनों विधायकों ने अध्यक्ष से अपने सवाल लेने का आग्रह किया, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि कार्यवाही निर्धारित क्रम के अनुसार आगे बढ़ चुकी है और अब अगले सवाल पर पहुंच गई है। इसके जरिए अध्यक्ष ने विधायकों को समय की पाबंदी और सदन में नियमित उपस्थिति का संदेश दिया।
कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा के विधायक नहीं थे मौजूद
सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजकर छह मिनट पर शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने के समय भाजपा का कोई विधायक सदन में मौजूद नहीं था। विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति भी इस दौरान चर्चा का विषय बनी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई जन्मदिन की बधाई
कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को जानकारी दी कि सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन है। इसके बाद सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सदन का माहौल कुछ देर के लिए उत्साहपूर्ण नजर आया।
पशुपालकों की योजनाओं पर विधायक ने मांगा जवाब
प्रश्नकाल के दौरान कोलेबिरा विधायक बिक्सल कोंगाड़ी ने पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जुड़ा सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं और उनके जरिए पशुपालकों को मिल रहे लाभ की जानकारी मांगी।
सरकार की ओर से बताया गया कि विभाग के बजट में पिछले कई वर्षों से पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए प्रावधान किया जाता रहा है। सरकार ने कहा कि बजट में वृद्धि के साथ आने वाले समय में और अधिक योजनाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।
सरकार ने कहा कि पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए विभाग लगातार योजनाओं का विस्तार कर रहा है। पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और इससे जुड़े लोगों को संस्थागत सहयोग देने के उद्देश्य से पहली बार पशुपालन योजना बोर्ड की शुरुआत भी की गई है।
सरकार के अनुसार पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में आने वाले समय में बजट बढ़ाकर और योजनाओं का विस्तार कर अधिक से अधिक पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का प्रयास किया जाएगा।

