
चाईबासा : जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से मंझारी प्रखंड की रोलाडीह पंचायत के ग्राम दोकट्टा में देशाउली बेड़ा से बेड़ा दाडीह चौक तक पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास शनिवार को मझगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पूर्ति ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विधायक समेत अन्य अतिथियों का पारंपरिक ढोल-नगाड़े और नृत्य के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे खनन संशोधन विधेयक का उद्देश्य झारखंड समेत उन राज्यों के अधिकारों को कमजोर करना है, जहां भाजपा की सरकार नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। विधायक ने कहा कि झारखंड आंदोलन की लंबी लड़ाई और हजारों लोगों के संघर्ष व बलिदान के बाद राज्य का गठन हुआ है। झारखंड के लोगों के अधिकारों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा और केंद्र सरकार को विधेयक वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। झारखंड का इतिहास संघर्ष और बलिदान से लिखा गया है। आने वाले समय में भी झारखंडियों के हक और अधिकार के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन राज्य सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मझगांव विधानसभा क्षेत्र में विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए जरूरी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार सड़क, पुल-पुलिया समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।
बारिश से कच्चे मकानों को हुए नुकसान का होगा सर्वे
विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन से बरसात में हुए कच्चे मकान के निर्माण और मरमती मुआवजा को लेकर बातचीत हुई है। मझगांव विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बारिश से कच्चे मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। नुकसान के आकलन के बाद प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को अंबेडकर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी। विधायक ने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त समेत संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मानकी-मुंडा, ग्रामीण तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

