
जमशेदपुर : स्वस्थ, साफ और चमकदार त्वचा के लिए केवल महंगे सौंदर्य उत्पादों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार भी त्वचा की सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जमशेदपुर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. कुमार के अनुसार, विटामिन C से भरपूर फलों को नियमित भोजन में शामिल करने से त्वचा को अंदर से पोषण मिल सकता है। यह पोषक तत्व कोलेजन बनने की प्रक्रिया में सहयोग करता है और त्वचा को पर्यावरण से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है।
कोलेजन निर्माण में सहायक है Vitamin C
डॉ. आर. कुमार बताते हैं कि कोलेजन एक आवश्यक प्रोटीन है, जो त्वचा की मजबूती और लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इसका निर्माण धीरे-धीरे कम होने लगता है। ऐसे में विटामिन C युक्त आहार कोलेजन उत्पादन को सहारा देकर त्वचा को स्वस्थ रखने में उपयोगी हो सकता है।
त्वचा की प्राकृतिक मरम्मत में मिलती है मदद
तेज धूप, प्रदूषण, धूल और असंतुलित जीवनशैली के कारण त्वचा रूखी और बेजान दिखाई दे सकती है। विटामिन C एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक माना जाता है। यह त्वचा की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया को भी सहयोग दे सकता है। हालांकि, केवल विटामिन C लेने से मुंहासे, झुर्रियां या पिगमेंटेशन जैसी सभी समस्याएं समाप्त नहीं होतीं।
इन फलों को डाइट में करें शामिल
संतरा, मौसमी, नींबू, आंवला, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, पपीता और कीवी विटामिन C के अच्छे प्राकृतिक स्रोत हैं। डॉ. आर. कुमार के मुताबिक, अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां खाने से शरीर को कई प्रकार के विटामिन, खनिज तथा एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें साबुत खाना अधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इससे फाइबर भी प्राप्त होता है।
संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी भी जरूरी
सुबह नाश्ते में संतरा या मौसमी, दिन में अमरूद अथवा पपीता और शाम के समय फलों का छोटा मिश्रण लिया जा सकता है। सलाद पर नींबू का रस डालना भी आसान विकल्प है। इसके साथ पर्याप्त पानी, प्रोटीनयुक्त भोजन, हरी सब्जियां और पूरी नींद भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।
सिर्फ सप्लीमेंट पर निर्भर रहना सही नहीं
डॉ. आर. कुमार की सलाह है कि बिना चिकित्सकीय जरूरत के विटामिन C सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए। आवश्यकता से अधिक मात्रा पेट संबंधी परेशानी पैदा कर सकती है। त्वचा पर लगातार खुजली, लालिमा, मुंहासे या असामान्य दाग दिखाई दें तो घरेलू उपायों की जगह त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है।

