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Chaibasa News : राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,33,235 मामलों का निष्पादन, 39 करोड़ 51 लाख का समायोजन

प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर प्रत्येक तीन माह के अंतराल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग अपने सुलहनीय मामलों के निष्पादन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के तत्वावधान में शनिवार को चाईबासा व्यवहार न्यायालय और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 1,33,235 मामलों का निष्पादन हुआ और 39,51,44,062 रुपये यानि 39 करोड़ 51 लाख 44 हजार 62 रुपये का समायोजन हुआ।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर इस राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह कार्यकारी अध्यक्ष झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने धनबाद से वर्चुअल माध्यम से किया।

इसी क्रम में चाईबासा सिविल कोर्ट परिसर और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में लोक अदालत का आयोजन हुआ। चाईबासा न्यायालय में 11 और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में 3 न्याय पीठों का गठन किया गया।

इन पीठों में मामलों की सुनवाई करते हुए प्री-लिटिगेशन के 1,29,777 मामलों का निष्पादन किया गया। इसमें बैंक से संबंधित 609 वाद, ट्रैफिक चालान के 102, राजस्व के 1,28,108, बीएसएनएल के 10, स्थायी लोक अदालत के 943 और उपभोक्ता न्यायालय से संबंधित 5 मामले शामिल हैं।

वहीं विभिन्न न्यायालयों में लंबित 3,458 मामलों में आपराधिक शमनीय के 2,934 वाद, बिजली विभाग से संबंधित 84, राजस्व से संबंधित 400, मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल के 14, कुटुंब न्यायालय से संबंधित 9 और एनआई एक्ट से संबंधित 17 वादों का निष्पादन किया गया। कुल मिलाकर 1,33,235 मामलों का निष्पादन कर 39.51 करोड़ रुपये का समायोजन किया गया।

प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर प्रत्येक तीन माह के अंतराल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग अपने सुलहनीय मामलों के निष्पादन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सूर्य भूषण ओझा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पीयूष श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संतोष आनंद प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव, सचिव रवि चौधरी, सिविल जज सीनियर डिवीजन सह न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एंजेलिना नीलम मड़की, सदर अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सुप्रिया रानी तिग्गा, रेलवे दंडाधिकारी मंजीत कुमार साहू, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पूजा पांडेय, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष बृजेश पांडे, उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह तथा चक्रधरपुर से एडीजे प्रथम अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कृष्णा लोहरा और अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अंकित कुमार सिंह की न्यायिक पीठों ने मामलों का निष्पादन किया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुटुंब न्यायालय के एक मामले में एक परिवार का सफल पुनः एकीकरण कराया गया। पति-पत्नी कई वर्षों से अलग रह रहे थे, मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों को एक बिंदु पर राजी किया गया और दोनों पुराने विवाद भुलाकर साथ रहने पर सहमत हुए, जिसमें प्राधिकार की सकारात्मक भूमिका रही।

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