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Jamshedpur Flood News : जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा गहराया, खरकई खतरे के निशान से ऊपर, चांडिल के 9 और गंजिया के सभी गेट खुले

by Rakesh Pandey
Jamshedpur Flood News
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जमशेदपुर : जमशेदपुर में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। नदी 129.010 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 129.00 मीटर निर्धारित है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदी से सटे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई बस्तियों और निचले हिस्सों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है।


बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर क्षेत्र की नदियों और जलाशयों पर साफ दिखाई दे रहा है। झारखंड और ओडिशा के विभिन्न जलाशयों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर के नदी तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

खरकई नदी किनारे निचले इलाकों में घुसा पानी

खरकई नदी के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे इलाकों में दिखाई देने लगा है। बागबेड़ा नया बस्ती और बड़ौदा घाट, कदमा के शास्त्रीनगर, सोनारी और रामनगर, मानगो, जुगसलाई तथा भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंदिरा नगर के निचले हिस्सों तक नदी का पानी पहुंच गया है। कई स्थानों पर नालियों के रास्ते नदी का पानी पीछे की ओर आने से सड़कों और घरों के आसपास पानी जमा होने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय बस्तियों के लोग भी सतर्क हो गए हैं। कुछ परिवार जरूरी घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं।

चांडिल डैम के नौ फाटक खोले गए, गंजिया बैराज के सभी गेट खुले

लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर पहुंचने के बाद इसके 13 में से नौ रेडियल फाटक एक-एक मीटर खोल दिए गए हैं। इन फाटकों के जरिए अतिरिक्त पानी बाहर निकाला जा रहा है।

वहीं, झारखंड के गंजिया बैराज का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया है। यहां पूर्ण जलाशय स्तर 143.70 मीटर है। जल निकासी के लिए बैराज के सभी पांचों फाटक पूरी तरह खोल दिए गए हैं। इससे 999.32 क्यूमेक पानी का तेज बहाव जारी है।

ओडिशा के दो जलाशयों से भी छोड़ा जा रहा पानी

पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी लगातार बारिश के कारण जलाशयों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मयूरभंज स्थित बांकबल डैम का जलस्तर 304.60 मीटर पहुंच गया है, जबकि उसका पूर्ण जलाशय स्तर 305.00 मीटर है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इसके दो फाटक खोले गए हैं और 144.42 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह खरकई डैम का जलस्तर 312.78 मीटर दर्ज किया गया है। यहां पूर्ण जलाशय स्तर 313.50 मीटर है। डैम के दो फाटक खोलकर 61.02 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों के जलस्तर पर दबाव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।

जमशेदपुर में भारी बारिश का अलर्ट, अगले पांच दिन भी खराब रहेगा मौसम

पिछले 24 घंटे के दौरान जमशेदपुर में 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चक्रधरपुर में 29.2 मिलीमीटर, गोईलकेरा में 33.4 मिलीमीटर, बहरागोड़ा में 43.5 मिलीमीटर और खरकई तटीय क्षेत्र में 38 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने जमशेदपुर में अगले 24 घंटे के दौरान 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 26 से 28 सितंबर के बीच भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

अगले पांच दिनों तक जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर पर दबाव बना हुआ है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है। बस्तियों में पानी पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोग सतर्क हैं। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर जलस्तर में और वृद्धि की स्थिति पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

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