
रांची : झारखंड में केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए स्वीकृत केंद्रांश का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। केंद्र से प्राप्त राशि के मुकाबले कम खर्च को लेकर वित्त विभाग ने संबंधित विभागों से अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी और प्रक्रियागत अड़चनों की पहचान कर राशि के समयबद्ध उपयोग की दिशा में कदम उठाये जायेंगे। वित्त विभाग के अपर सचिव कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा होगी।
वित्त विभाग के संयुक्त सचिव-सह-बजट पदाधिकारी चंद्रभूषण प्रसाद ने इस संबंध में नगर विकास एवं आवास, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, एसटी-एससी-अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, भवन निर्माण, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, पेयजल एवं स्वच्छता, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा, खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले तथा ग्रामीण विकास विभाग को पत्र भेजा है। सभी विभागों से संबंधित सीएसएस योजनाओं की अद्यतन स्थिति के साथ बैठक में शामिल होने को कहा गया है। बैठक जल्द प्रोजेक्ट भवन स्थित एनेक्सी बिल्डिंग के प्रथम तल पर होगी। इसमें संबंधित विभागों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
वित्त विभाग के पत्र के अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की अद्यतन विवरणी के अवलोकन से पता चला है कि मदर सैंक्शन के तहत प्राप्त केंद्रांश का व्यय अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली तकनीकी और अन्य प्रक्रियागत कठिनाइयों की समीक्षा की जायेगी। संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिये जायेंगे, ताकि योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
सीएसएस के लिए बजट में 13,671 करोड़ का प्रावधान
झारखंड के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट विश्लेषण में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 13,671 करोड़ रुपये के अनुदान का बजट अनुमान दर्ज है। वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 12,862 करोड़ रुपये थी।
इन योजनाओं में मिलता है केंद्रांश
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत झारखंड में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, महिला एवं बाल विकास, आवास, सड़क, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों की योजनाएं संचालित होती हैं। प्रमुख योजनाओं में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, जल जीवन मिशन, समग्र शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पीएम पोषण योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना शामिल हैं।

