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Jamshedpur News : ऑडिट में पैसे मांगने की शिकायत, जमशेदपुर में पीएम पोषण योजना का अंकेक्षण स्थगित

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में चल रहे वित्तीय अंकेक्षण को लेकर जमशेदपुर में गंभीर शिकायत सामने आई है। अंकेक्षण करने वाली सीए फर्म की टीम पर शिक्षकों से पैसे मांगने और राशि नहीं देने पर ऑडिट में स्कूल को फंसाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अंकेक्षण कार्य को तत्काल स्थगित कर दिया है।

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने अंकेक्षण एजेंसी के खिलाफ स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में शिकायत की है। शनिवार को संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा अधीक्षक से मिला और पूरे मामले की जानकारी दी।

शिक्षकों से निश्चित राशि मांगने का आरोप

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जमशेदपुर इकाई अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कर्ण ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर प्रखंड में अंकेक्षण कर रही नियुक्त सीए फर्म अंजलि जैन एंड एसोसिएट्स की टीम स्कूलों पर एक निश्चित राशि देने के लिए दबाव बना रही है।

संघ का आरोप है कि टीम की ओर से राशि नहीं देने पर ऑडिट में स्कूल को फंसाने की बात कही जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद डीएसई ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अंकेक्षण कार्य स्थगित करने संबंधी पत्र जारी किया। उन्होंने एजेंसी के रवैए की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने की बात कही। डीएसई ने कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो वसूली के लिए दबाव बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, संगठन सचिव अरुण कुमार, जमशेदपुर अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कर्ण, रामाकांत शुक्ल, संतोष कुमार शर्मा, शैलेन्द्र कुमार तिवारी, चाकुलिया से सुधीर चंद्र मुर्मू, पटमदा से अनिल बिहारी, पोटका से खगेन सरदार और अनिल मांझी शामिल थे।

 अगस्त का वेतन अब तक नहीं मिला

शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के वेतन भुगतान की समस्या भी डीएसई के सामने रखी। शिक्षकों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम को छोड़कर राज्य के अन्य जिलों में अगस्त माह का वेतन भुगतान हो चुका है, जबकि जिले में ऑनलाइन हस्ताक्षर सत्यापन नहीं होने के कारण वेतन भुगतान अटका हुआ है।

डीएसई ने बताया कि एक सितंबर से वेतन विपत्र डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से पारित किया जाना है। उन्होंने तत्काल वरीय अधिकारियों से बातचीत कर तकनीकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया। साथ ही जरूरत पड़ने पर रांची मुख्यालय जाकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही।

 वित्तीय पारदर्शिता के लिए कराया जा रहा है ऑडिट

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना यानी मध्याह्न भोजन योजना के वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्यय और वित्तीय पारदर्शिता की जांच के लिए वैधानिक अंकेक्षण कराया जा रहा है। झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, रांची के निदेशक के निर्देश पर यह अंकेक्षण अनिवार्य किया गया है।

ऑडिट के दौरान स्कूलों और संकुलों को आवंटित राशि, खाद्यान्न उठाव, कुकिंग कॉस्ट और अन्य मदों में हुए खर्च से जुड़े रिकॉर्ड, बिल और वाउचर की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य सरकारी राशि के निर्धारित मानकों के अनुरूप इस्तेमाल की पुष्टि करना तथा वित्तीय अनियमितता, गबन और हेराफेरी की संभावनाओं पर रोक लगाना है।

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