
रांची : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही राज्य का दौरा कर सकते हैं। वे यहां युवाओं और छात्रों के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान में हिस्सा लेंगे। इस अभियान का नाम छात्रों की गूंज रखा गया है। रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष और इस अभियान के संयोजक कुमार राजा ने इस बात की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का यह दौरा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस कार्यक्रम की कोई पक्की तारीख तय नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि राहुल गांधी इस साल के अंत तक रांची आ सकते हैं।
राज्य में इस अभियान के तहत अब तक कई बैठकें और कार्यक्रम हो चुके हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इन कार्यक्रमों को युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने भी झारखंड में चल रहे इस अभियान की तारीफ की है। इसी सफलता को देखते हुए अब राज्य स्तर पर एक बहुत बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इस बड़े सम्मेलन में ही राहुल गांधी के शामिल होने की पूरी संभावना है।
युवाओं की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन?
कांग्रेस पार्टी का दावा है कि यह केवल एक राजनीतिक भाषणबाजी का मंच नहीं है। यह मंच देश के युवाओं और छात्रों की असली समस्याओं को उठाने के लिए बनाया गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार आज देश का युवा नौकरियां न मिलने से बेहद परेशान है। रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है कि युवाओं की इस बदहाली की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
पार्टी के प्रवक्ताओं ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कोई भी सरकार हमेशा के लिए सत्ता में नहीं रहती। जनसमर्थन के बल पर परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनके इस अभियान की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर विपक्षी दल घबरा गए हैं। इसी घबराहट में विरोधी नेता राहुल गांधी और इस अभियान पर बयानबाजी कर रहे हैं।
बीजेपी का दावा- देश का युवा आज भी मोदी की नीतियों के साथ
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बीजेपी के प्रवक्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी के दौरे से राज्य के राजनीतिक माहौल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीजेपी का मानना है कि देश का युवा आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के साथ खड़ा है।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं की मदद करने के बजाय राजनीति करने का एक तरीका है। अगर राहुल गांधी सच में छात्रों के प्रति गंभीर होते, तो वे पहले ही झारखंड आकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलते। बीजेपी के अनुसार, राज्य का छात्र कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन कांग्रेस केवल चुनावी फायदों के लिए राजनीति कर रही है।
फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कब होती है। अगर नवंबर या दिसंबर में यह दौरा होता है, तो झारखंड में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति और तेज होना तय है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह अभियान राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।

