
एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक,
रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। समाहरणालय स्थित सभागार में हुई बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में एसआईआर के तहत नोटिस वितरण और सुनवाई की प्रगति के साथ नये मतदाताओं के पंजीकरण और फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन को लेकर भी चर्चा हुई।
14 अक्टूबर तक होगी सुनवाई
बैठक में बताया गया कि एसआईआर के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 तक की जायेगी। उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने स्तर से नोटिस प्राप्त मतदाताओं तक सुनवाई की तारीख और स्थान की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि कोई मतदाता प्रक्रिया से अनजान रहने के कारण अपना पक्ष रखने से वंचित न हो।
नोटिस प्राप्त मतदाता निर्धारित तिथि और स्थान पर सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। उन्हें अपने मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। सुनवाई के दौरान मतदाता की ओर से उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों और जानकारी के आधार पर संबंधित प्राधिकारी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
नोटिस वाले मतदाताओं को प्रक्रिया समझाने की अपील
उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र में नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी दें। खासकर उन्हें यह बताया जाये कि उन्हें कब और कहां उपस्थित होना है और सुनवाई के दौरान कौन से आवश्यक दस्तावेज साथ रखने हैं। प्रशासन का प्रयास है कि एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
बीएलए-2 और बीएलओ के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में बीएलए-2 के माध्यम से बीएलओ को सहयोग देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से संबंधित कार्यों में बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित करें। पात्र मतदाताओं के आवेदन और मतदाता सूची में आवश्यक सुधार से जुड़े मामलों को निर्वाचन प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाने में सहयोग करने को कहा गया।
1 अक्टूबर को 18 साल पूरा करने वाले भर सकेंगे फॉर्म-6
बैठक में नये मतदाताओं के पंजीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले भारतीय नागरिक नये मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से ऐसे पात्र युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया।
उन्होंने कहा कि पात्र युवाओं और अन्य नागरिकों तक यह जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि योग्य नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहें। राजनीतिक दलों से फॉर्म-6 के अधिकाधिक आवेदन कराने में भी सहयोग मांगा गया।
कम डिजिटाइजेशन वाले मतदान केंद्रों पर रहेगा फोकस
बैठक में उन मतदान केंद्रों की भी चर्चा हुई, जहां फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन की प्रगति अपेक्षाकृत कम है। ऐसे मतदान केंद्रों पर बीएलए-2 और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बीएलओ के साथ समन्वय कर आवश्यक सहयोग देने को कहा गया। इसका उद्देश्य फॉर्म-6 से संबंधित प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और पात्र नागरिकों के पंजीकरण में तेजी लाना है।
पात्र नाम नहीं छूटे और अपात्र नाम नहीं जुड़े
बैठक में स्पष्ट किया गया कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि कोई पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से एसआईआर की प्रक्रिया में प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने का आग्रह किया। बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

