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Lower Back Pain : लंबे समय तक बैठने से बढ़ सकता है कमर दर्द, इन आसान तरीकों से करें बचाव

by Rakesh Pandey
Lower Back Pain
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जमशेदपुर : आज की व्यस्त जीवनशैली में ज्यादातर लोग कार्यालय, पढ़ाई, वाहन चलाने या मोबाइल-कंप्यूटर के इस्तेमाल के दौरान घंटों एक ही स्थान पर बैठे रहते हैं। लगातार बैठे रहने और शरीर की गतिविधि कम होने से कमर के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ सकता है। शुरुआत में यह परेशानी मामूली अकड़न या खिंचाव जैसी लगती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर दर्द बार-बार उभर सकता है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं।

गलत तरीके से बैठना बड़ी वजह

बैठना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठे रहना कमर दर्द का प्रमुख कारण बन सकता है। आगे झुककर बैठने, कुर्सी पर कमर को सहारा न देने या लगातार एक ही स्थिति में रहने से पीठ और कमर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण मांसपेशियों में थकान, अकड़न और बेचैनी महसूस हो सकती है।

कार्यस्थल का गलत सेटअप भी जिम्मेदार

कंप्यूटर स्क्रीन का बहुत नीचे या किनारे रखा होना, अनुपयुक्त ऊंचाई वाली मेज और कमर को सहारा न देने वाली कुर्सी भी परेशानी बढ़ा सकती है। काम करते समय स्क्रीन आंखों के लगभग सामने होनी चाहिए। दोनों पैर जमीन पर टिके रहें और घुटने सहज स्थिति में हों। जरूरत पड़ने पर कमर के पीछे छोटा कुशन रखा जा सकता है।

लंबे सफर में भी बढ़ सकती है परेशानी

कई घंटे तक लगातार वाहन चलाने या सफर करने से शरीर एक ही मुद्रा में बना रहता है। इससे कमर और कूल्हों के आसपास की मांसपेशियां जकड़ सकती हैं। लंबी यात्रा के दौरान सुरक्षित स्थान पर रुककर कुछ देर चलना और शरीर को हल्का खींचना राहत दे सकता है।

हर 30 से 60 मिनट में लें छोटा ब्रेक

कमर दर्द से बचने के लिए लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें। प्रत्येक 30 से 60 मिनट के बीच कुर्सी से उठकर थोड़ी देर चलें। नियमित शारीरिक गतिविधि करें और पेट, पीठ तथा कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले आसान व्यायाम किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में करें। अचानक कठिन कसरत करने से बचना चाहिए।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

यदि आराम और सामान्य
सावधानियों के बाद भी दर्द बना रहे, बार-बार लौटे या लगातार बढ़ता जाए, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। दर्द के साथ पैर में कमजोरी या सुन्नपन, चलने में परेशानी, बुखार, बिना कारण वजन कम होना अथवा किसी गंभीर चोट का इतिहास हो तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें। समय पर सही कारण की पहचान और उचित देखभाल से कमर दर्द को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

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