
जमशेदपुर: भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने झारखंड में संगठन मंत्री रहे कर्मवीर सिंह के पद से मुक्त होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें पहले ही झारखंड से हटा दिया जाता तो प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति इतनी खराब नहीं होती।
विकास सिंह ने कहा कि कर्मवीर सिंह के झारखंड से वापस जाने के बाद धरातल पर पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का बेहतर अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार गर्त की ओर जा रही थी और अब कार्यकर्ताओं के लिए परिस्थितियों में बदलाव की उम्मीद है।
उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कर्मवीर सिंह पर कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया। विकास सिंह ने कहा कि प्रदेश भाजपा के दायित्वों में रहने के दौरान उन्हें कई बार प्रदेश कार्यालय जाना पड़ता था। उनके अनुसार, आम कार्यकर्ताओं को मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, जबकि आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों के लिए दरवाजे खुले रहते थे।
विकास सिंह ने विधानसभा और नगर निकाय चुनावों के प्रदर्शन को लेकर भी कर्मवीर सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में संगठनात्मक स्तर पर लिए गए फैसलों का खामियाजा भाजपा को चुनावों में भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिस झारखंड में भाजपा की सरकार बनने की उम्मीद कार्यकर्ताओं में रहती थी, वहीं निकाय जैसे चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
उन्होंने कर्मवीर सिंह की कार्यशैली और पहनावे को लेकर भी टिप्पणी की। विकास सिंह ने कहा कि अपने राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव में उन्होंने ऐसा संगठन मंत्री पहले नहीं देखा, जो सार्वजनिक मंचों पर काले चश्मे और महंगी घड़ी के साथ नजर आते रहे हों। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली उन्हें आम संघ स्वयंसेवक की छवि से अलग नजर आती थी।
हालांकि, कर्मवीर सिंह को लेकर लगाए गए ये सभी आरोप विकास सिंह के व्यक्तिगत बयान और राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों पर कर्मवीर सिंह या भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

