
मेदिनीनगर : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से बुधवार को आहूत झारखंड बंद का पलामू जिले में भी असर देखने को मिला। बंद को सफल बनाने के लिए झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा से जुड़े सदस्य सुबह से ही सड़क पर उतर गए। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के रेडमा चौक पर आंदोलनकारियों ने सुबह सात बजे से सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान पेंशन, बच्चों को नौकरी में आरक्षण समेत छह सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई।
रेडमा चौक पर चक्का जाम के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। स्कूल बस समेत कई वाहन जाम में फंसे रहे। सुबह के समय सड़क जाम होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारी अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर सरकार से ठोस पहल करने की मांग पर अड़े रहे।
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। आंदोलनकारियों ने पेंशन की मांग के साथ उनके बच्चों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की मांग भी उठाई। इसी को लेकर बुधवार को झारखंड बंद का आह्वान किया गया था।
पलामू में सुबह सात से 10 बजे तक रहा सड़क जाम
मेदिनीनगर के रेडमा चौक पर करीब तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सुबह सात बजे शुरू हुआ प्रदर्शन और चक्का जाम सुबह 10 बजे तक जारी रहा। इस दौरान आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। बंद के कारण पलामू जिला मुख्यालय में यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन जाम में फंसे रहे।
प्रशासन ने आंदोलनकारियों से की वार्ता
बंद और चक्का जाम की सूचना के बाद प्रशासन की ओर से भी पहल की गई। पलामू उपायुक्त के दिशा-निर्देश पर सदर अंचलाधिकारी अमरदीप बल्होत्रा और थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों की जानकारी ली। आंदोलनकारियों से मांग पत्र लिया गया और उन्हें समझा-बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराने की कोशिश की गई।
सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान झारखंड आंदोलनकारियों ने हेमंत सोरेन सरकार पर उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। आंदोलनकारियों का कहना था कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से झारखंड आंदोलनकारियों को उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने के कारण उनमें नाराजगी है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि लगातार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें झारखंड बंद का आह्वान करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी छह सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर अब भी ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि पेंशन, बच्चों को नौकरी में आरक्षण समेत छह सूत्री मांगों के समाधान को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। पलामू में हुए चक्का जाम के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द कार्रवाई करने की मांग दोहराई।

