
चाईबासा : रोजगार के लिए कौशल विकास (Skill development) आज के समय की जरूरत है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है। जिले के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें बेहतर आजीविका के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
समन्वित प्रयास से युवा होंगे लाभान्वित
इस साझेदारी के माध्यम से जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने, समुदाय स्तर पर जागरूकता तथा प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला कौशल पदाधिकारी अविनाश ठाकुर, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की परियोजना प्रबंधन इकाई के प्रमुख गिरि प्रसाद तथा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, झारखंड के राज्य समन्वयक बुलबुल कुमार दास सहित अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने पर विशेष जोर
समझौते के तहत जिले के युवाओं तक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित कर रोजगार एवं आजीविका के बेहतर अवसरों तक पहुंच बनाने में सहयोग देना भी है।
ऑटोमोटिव क्षेत्र में मिलेगा 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित ऑटोमोटिव प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अवधि 45 दिन निर्धारित है तथा प्रशिक्षण निःशुल्क और आवासीय होगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को वाहन संबंधी तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं का लाभ उठाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
यांत्रिक, विद्युत एवं नलसाजी के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण
युवाओं के कौशल विकास के लिए यांत्रिक, विद्युत एवं नलसाजी से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समुदाय आधारित तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को संबंधित कार्यक्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यावहारिक दक्षताएं विकसित करने में सहायता दी जाएगी। इन तकनीकी कौशलों के माध्यम से युवाओं के लिए विभिन्न रोजगारपरक गतिविधियों एवं आजीविका के अवसरों तक पहुंच बनाने की संभावनाएं विकसित होंगी।
पाताहातु स्थित प्रशिक्षण केंद्र में संचालित होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
ऑटोमोटिव एवं यांत्रिक, विद्युत तथा नलसाजी से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम पश्चिमी सिंहभूम जिले के पाताहातु स्थित प्रशिक्षण केंद्र में संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के बीच हुई साझेदारी से इन कार्यक्रमों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और पात्र युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रमाणन एवं रोजगार सहायता पर रहेगा ध्यान
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पात्र युवाओं को निर्धारित मानकों एवं प्रावधानों के अनुरूप राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से संबंधित प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए शत-प्रतिशत नियोजन सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सहयोग देना है। नियोजन सहायता के अंतर्गत वास्तविक रोजगार प्राप्ति प्रशिक्षण, पात्रता तथा संबंधित अवसरों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

